बांदा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार
गारंटी योजना (मनरेगा) में जनपद स्तर पर लोकपाल नियुक्ति करने की लंबे
अर्से से चल रही मांग अंतत: पूरी हो गई।
प्रदेश के आठ जनपदों में
लोकपाल नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी गई है। ये लोकपाल 26 जनपदों में
मनरेगा के कार्यों पर नजर रखेंगे। योजना के राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ ने गैर
राजनीतिक और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले लोगों से 15 फरवरी तक
आवेदन मांगे हैं।
केंद्र सरकार द्वारा संचालित मनरेगा में धांधली और
भ्रष्टाचार की शिकायतें आम हैं। इन पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर
लोकपालों की नियुक्ति विभिन्न राजनीतिक और अन्य संगठन करते रहे हैं।
अब
केंद्र और राज्य सरकार ने इस पर अमल शुरू कर दिया है। प्रदेश के आठ जनपदों
में लोकपाल नियुक्त किए जा रहे हैं। इनमें बांदा, गोंडा, मुरादाबाद,
अलीगढ़, उन्नाव, कासगंज, लखनऊ और शाहजहांपुर शामिल हैं।
बांदा जनपद
में नियुक्त होने वाले लोकपाल बांदा, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर पर
नजर रखेंगे। बुंदेलखंड के इन चारों जनपदों को बांदा के लोकपाल से संबद्ध
किया गया है।
प्रदेश के रोजगार गारंटी आयुक्त ने इस बारे में सूचना
जारी करते हुए लोकायुक्त पद पर चयन के लिए आवेदन मांगे हैं। शर्तों में यह
शामिल है कि इस पद के लिए वही पात्र होंगे, जिनकी ख्याति सामाजिक क्षेत्रों
में अच्छी हो।
ईमानदार हों और गैर राजनीतिक हों। सार्वजनिक
प्रशासन, विधि, शिक्षा, सामाजिक कार्य और प्रबंधन क्षेत्र में कम से 20
वर्ष का अनुभव हो। राजनैतिक आधार या राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं होना चाहिए।
प्रतिबंधित
संगठन का सदस्य भी न हो। लोकपाल की अधिकतम आयु 68 वर्ष होगी। आवेदन 15
फरवरी तक लखनऊ स्थित मनरेगा के राज्य स्तरीय प्रकोष्ठ में किए जा सकेंगे।