बांदा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बबेरू में खरीदे गए सामग्री की दरों का सत्यापन डिप्टी सीएमओ के नेतृत्व में गठित टीम करेगी। यह खरीद 2018 और वर्ष 2019 की बताई गई है। उधर, जांच के दायरे में आए दोनों चिकित्साधीक्षकों का कहना है कि उनसे किसी जांच अधिकारी ने जानकारी नहीं ली। न ही ऐसी कोई सूचना दी गई है।
सीएचसी में वर्ष 2018 में 100 बेड शीट खरीदी गईं थीं। इनकी कीमत लगभग सवा 200 रुपये दर्शाई गई है। इसी वर्ष 2019 में 6 लोहे की अलमारियां 15 हजार रुपये, 1100 रुपये प्रति कुर्सी की दर से 30 कुर्सियां सहित दो मेज, मुख्य गेट और बिजली उपकरणों की खरीद की गई थी।
इनमें बाजार से भी ज्यादा कीमत लगाने के आरोप लगाए गए थे। डीएम के आदेश पर बबेरू एसडीएम महेंद्र कुमार ने इसकी जांच की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कुछ सामानों में गड़बड़ी का उल्लेख किया है।
उधर, इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.एनडी शर्मा ने बताया कि खरीदे गए सामानों की दरों के सत्यापन और जांच के लिए डिप्टी सीएमओ डा.एमसी पाल के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। इसमें एकाउंटेंट भी शामिल हैं।
उधर, आरोपी चिकित्साधीक्षक डा.नवीन चक का कहना है कि जांच अधिकारी ने उनसे अब तक कोई स्पष्टीकरण नहीं मांगा। मानक के अनुरूप ही बेड शीट की खरीद की थी।
वहीं डा. मोहम्मद अनवर का कहना है कि स्टॉक रजिस्टर में सामान की खरीद स्पष्ट दर्ज है। उन्हीं वेंडरों से सामग्री खरीदी गई जिनसे पूर्व से खरीददारी हो रही है। कोटेशन और मानक के अनुरूप खरीद की गई।