फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुंदेलखंड के सभी जिलों की हवा जहरीली, जालौन अव्वल

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। सुप्रीमकोर्ट, केंद्र और प्रदेश सरकारों की तमाम कवायदों के बाद भी प्रदूषण कम नहीं हो रहा है। ठंड के दस्तक देते ही इसमें और वृद्धि होगी। उधर, दीपावली की आतिशबाजी इसे और बढ़ा सकती है। ताजा स्थिति यह है कि बुंदेलखंड में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण जालौन जिले में है।
विज्ञापन

यहां की एक्यूआई 164 है। चित्रकूटधाम मंडल में हमीरपुर सबसे ज्यादा प्रदूषित है। यहां एक्यूआई 159 मापी गई है। बांदा और चित्रकूट का एक्यूआई 155 और महोबा का 157 है। एक्यूआई का मानक अधिकतम 100 है। ये आंकड़े वायु गुणवत्ता सूचकांक संबंधी वेबसाइट ‘आईक्यू-एयर’ की रिपोर्ट के हैं। मौजूदा में पर्यावरण की यह स्थिति सेहत के लिए हानिकारक है।
बुंदेलखंड में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) का स्तर
जालौन- 164
झांसी- 160
हमीरपुर- 159
महोबा- 157
बांदा- 155
चित्रकूट- 155
ललितपुर- 155
इन जिले में भी भरा हुआ है प्रदूषण। इनका एक्यूआई आंकड़ा
इटावा- 167, औरैया- 165, कन्नौज- 161, हरदोई- 160, उन्नाव- 160 व घाटमपुर- 160
एक्यूआई का मानक व रंग
- 0 से 50 तक : अच्छा (हरा)
- 51 से 100 तक : संतोषजनक (पीला)
- 101 से 150 तक : संवेदनशील (संतरा)
- 151 से 200 तक : बीमार करने वाला (लाल)
- 201 से 300 तक : बहुत ही नुकसानदेह (बैंगनी)
- 301 से 500 तक : खतरनाक (डार्क ब्राउन)
वायु प्रदूषण से होती है सांस लेने में दिक्कत
बांदा। मेडिकल कालेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. करन राजपूत और जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केएल पांडेय ने बताया कि वायु प्रदूषण से ब्रांकाइटिस का खतरा रहता है।
विज्ञापन

श्वांस नली में सूजन आ सकती है। फेफड़े तक आक्सीजन पहुंचने में अवरोध होने पर सांस फूलने लगती है। प्रदूषण से अस्थमा, सीओपीडी रोगियों को ज्यादा दिक्कत होती है। जुकाम, जिस्म में दाने पड़ना, छींके आना, खांसी, हृदय रोग की भी समस्या हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें