वनवासी लीला का मंचन करते हुए कलाकार।
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तिंदवारी। ग्राम पिपरगवां में तीन दिवसीय रामलीला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन भगवान राम के जन्म और वन गमन की लीलाओं का मंचन किया गया। वन गमन के समय पुत्र वियोग में अयोध्या नरेश का विलाप देखकर दर्शकों की आंखों से आंसू आ गए। कार्यक्रम में जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद भी मौजूद रहे।
रामलीला की शुरुआत महाराजा दशरथ के पुत्र प्राप्ति यज्ञ से हुई। राम के बड़े होने पर राजा दशरथ ने उन्हें राजा बनाने का विचार किया। मंत्री सुमंत को बुलाकर राज्याभिषेक की तैयारी के आदेश दिए। इस पर दासी मंथरा ने महारानी कैकेयी के कान भर दिए। इस पर कैकेयी ने राजा से अपने पुत्र भरत का राजतिलक और राम को 14 वर्ष वनवास की मांग की।
भगवान राम, सीता व लक्ष्मण के साथ जैसे ही वन जाने को निकले, वैसे ही राजा दशरथ फूट-फूट कर रोने लगे। पूरी अयोध्या नगरी में शोक छा गया। भाजपा मंडल अध्यक्ष अनूप तिवारी, कृष्ण कुमार शुक्ला, आशीष चंदेल, शिक्षक संघ अध्यक्ष हरबंस श्रीवास्तव, अभय प्रताप सिंह परिहार, कमेटी अध्यक्ष आशीष सिंह, समर सिंह, नीलू सिंह, गौरव, सूरज, सुनील, करण सिंह, राजीव सिंह, शीलू शर्मा, मोनू यादव, सरवन यादव भी मौजूद रहे।