बांदा। मंडल मुख्यालय सहित पूरे जिले में चल रहे बिजली के ज़बरदस्त संकट और उभरते जनाक्रोश पर इसी सप्ताह दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अमित किशोर की यहां आमद भी उपभोक्ताओं को कोई स्थाई राहत नही दे सकी। एमडी के आने से महज दो दिन ही बिजली संकट टला रहा। अब फिर शहर की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई है। उपभोताओं में दिन रात हायतौबा मची हुई है।
रोस्टर के अनुसार मंडल मुख्यालयों में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति का दावा यहां फ्लॉप हो गया है। 12 से 15 घंटे ही आपूर्ति मिल पा रही है। हाल ही में दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक यहां दो दिन प्रवास करके हालात से रूबरू हुए थे। उन्होंने निर्बाध आपूर्ति के सख्त आदेश भी दिए थे। लंबे समय से खाली पड़े मुख्य अभियंता के पद पर आरिफ अहमद की तैनाती कर दी थी। उनकी रहते दो दिन आपूर्ति बेहतर रही। जाते ही फिर पुराना ढर्रा बहाल हो गया। शहरी व ग्रामीण उपभोक्ता बिजली के लिए तरस रहे हैं। सबसे अधिक समस्या भूरागढ़, छोटी बाजार , तुलसी नगर और कालूकुआ फीडर से जुड़े दर्जनभर से अधिक मोहल्लों में है।
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विधायक ने सीएम कार्यालय को बताया, दो दिन का अल्टीमेटम
भाजपा के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने बिजली से पैदा हो रहे हालात से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत करा दिया है। साथ ही विभागीय अफसरों को आपूर्ति में सुधार के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। विधायक ने कहा है कि बिजली विभाग के अफसरों की मनमानी के चलते सरकार की छवि धूमिल हो रही है। यह कारगुजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अफसरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कराने के संकेत भी दिए हैं।