अपने को राज्य कर्मचारी घोषित किए जाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की मुहिम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाएं तेजी से जुट गईं हैं।
इस माह 19 व 20 तारीख को दिल्ली में प्रस्तावित धरना और प्रदर्शन के लिए कवायद शुरू हो गईं। इसी क्रम में रविवार को यहां आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की बैठक में आंदोलन को कारगर बनाने की रणनीति बनाई गई।
निजामी पैलेस में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष नीलम वर्मा ने आंगनबाड़ी और सहायिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा हासिल करने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। इसके पूर्व नवंबर में लखनऊ में आयोजित धरने में कई जनप्रतिनिधियो ने समर्थन की घोषणा की थी। लोकसभा में भी यह मुद्दा उठ चुका है।
प्रदेश की चार लाख आंगनबाड़ी कर्मचारियों की कोशिश रंग लाएगी। सांसदों के प्रयास से केंद्र सरकार तेजी से कार्रवाई कर रही है, लेकिन इसके बाद भी इस माह लोकसभा के बजट सत्र में अपनी ताकत दिखाने के लिए 19 व 20 तारीख को दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रदर्शन होगा। प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष राजकुमार श्रीवास्तव, महामंत्री आरजे शर्मा सहित आंगनबाड़ी संघ की सुधा सिंह (तिंदवारी), देवी कुमारी (बिसंडा), विमला देवी (बड़ोखर), शोभा श्रीवास्तव (महुआ), सुषमा (नरैनी), किरन सेठी (बांदा शहर), रजनी मरजीना (जिला महामंत्री) सहित अनामिका सिंह, सलमा, ममता, निर्मला देवी, सीता, शोभा, लवलेश, उर्मिला, सरस्वती, जमुना देवी, शबनम, रुकमणि आदि उपस्थित रहीं।