Ambulance service started, but problem persists
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बांदा। प्रशासन की सख्ती से एंबुलेंस सेवा शुरू हो गई, लेकिन मरीजों को भरपूर सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन और पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 108 और 102 की सभी 47 एंबुलेंस अपने कब्जे में ले लीं।
स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार से प्राइवेट चालकों की मदद से इनका संचालन भी शुरू कर दिया, लेकिन ईएमटी न होने से मरीजों की दिक्कत बरकरार है। परिवहन विभाग द्वारा प्राइवेट चालक उपलब्ध करा दिए जाने से जुगाड़ के तहत एंबुलेंस सेवा बहाल हो गई। मरीजों को काफी हद तक राहत मिल गई, लेकिन चालकों के अप्रशिक्षित होने और ईएमटी के न होने से मरीजों की तकलीफ दूर नहीं हो पाई।
शुक्रवार को सड़क हादसे में घायल पैलानी निवासी अरविंद को 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। एंबुलेंस चालक के साथ दूसरे सहयोगी ने मरीज को उतारकर स्ट्रेचर पर लिटा दिया और एंबुलेंस किनारे करवाने लगा। इसकी वजह से वह लगभग 20 मिनट तक स्ट्रेचर पर ही पड़ा रहा।
कुछ ऐसे ही हालात रहे। सीएमओ डा. वीके तिवारी ने बताया कि एंबुलेंस सेवा बहाल हो गई है। कुछ कमियां हैं, उन्हें भी शीघ्र दूर कर ली जाएंगी। उधर, लगभग आधा सैकड़ा एंबुलेंस कर्मी शुक्रवार को लखनऊ कूच कर गए, लेकिन प्रदेश पदाधिकारी नहीं मिल सके।