तिंदवारी। विकासखंड में ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये की हेराफेरी और धन निकासी का गंभीर आरोप सोशल मीडिया पर सामने आया है। आरोप है कि प्रधानी का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले एक निवर्तमान ग्राम पंचायत सचिव और अधिकारियों की मिलीभगत से कई ग्राम पंचायतों से लाखों रुपये का गबन किया गया है। मामला अब जांच के घेरे में आ सकता है।
तिंदवारी विकासखंड में एक ग्राम पंचायत अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज दूसरे सचिव को सौंपा गया था। जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) के स्पष्ट आदेश के बावजूद, निवर्तमान सचिव अभिषेक राठौर ने अपना चार्ज नए सचिव को नहीं सौंपा। आरोप है कि चार्ज से हटने के बाद भी अभिषेक राठौर ने तीन से चार ग्राम पंचायतों से लाखों रुपये की धनराशि की हेराफेरी की है।
तिंदवारी ब्लॉक के एडीओ पंचायत प्रदीप सिंह राणा ने मोबाइल फोन पर बातचीत में बताया कि सचिव को चार्ज सौंपने के लिए कहा गया था, क्योंकि वह उस पद से हट चुके थे। लेकिन, उन्होंने अभिषेक राठौर पर डीपीआरओ से मिलीभगत करके लाखों का खेल करने का आरोप लगाया। वहीं दूसरे सचिव अंकित अवस्थी मूकदर्शक बने रहे, ऐसा आरोप लगाया जा रहा है।
इस मामले में जब निवर्तमान सचिव अभिषेक राठौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार के धन की निकासी से इन्कार किया। उनका कहना है कि उन्होंने ग्राम पंचायतों से कोई धनराशि नहीं निकाली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने नए सचिव से कई बार चार्ज लेने का आग्रह किया लेकिन अंकित अवस्थी ने चार्ज लेने से लगातार मना किया।
दूसरी ओर, जब नए सचिव अंकित अवस्थी से इस संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया।