: श्मशान घाट में किशोर का शव निकलवाती कालिंजर और अजयगढ़ पुलिस और नायब तहसीलदार।
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नरैनी। पुल से 80 फिट नीचे 14 वर्षीय बेटे को फेंककर मौत के घाट उतारने वाले आरोपी पिता पुलिस की पकड़ से फिलहाल दूर है। उधर, घटनास्थल के सीमा विवाद में फंसी यूपी-एमपी पुलिस ने अंतत: दूसरे दिन शाम को किशोर का शव जमीन से निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नदी किनारे शव आरोपी पिता ने ही दफना दिया था।
कालिंजर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव निवासी चंद्रपाल विश्वकर्मा ने दो दिन पूर्व अपने 14 वर्षीय बेटे किशना को बागै नदी पुल पर कुछ देर लटकाने के बाद नीचे गिरा दिया। उसकी वहीं मौत हो गई। यूपी की कालिंजर थाना पुलिस और एमपी के धरमपुर (पन्ना) थाना पुलिस सीमा विवाद में ही फंसे रहे।
शव को कब्जे में नहीं लिया और न ही आरोपी को पकड़ा। इस बीच गुरुवार को आरोपी पिता घर से शव उठा ले गया और श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर मिट्टी में दबा दिया। यह सबकुछ उसने अकेले ही किया। गुरुवार को शाम तक कालिंजर और धरमपुर थाना पुलिस एक-दूसरे पर सीमा की आड़ लेकर टालती रही।
इस बीच आरोपी फरार हो गया। शुक्रवार को शाम सूर्यास्त के लगभग कालिंजर थानाध्यक्ष श्याम प्रताप पटेल और नरैनी के नायब तहसीलदार डा.आशीष कुमार शुक्ल श्मशान घाट पहुंचे। उधर, अजयगढ़ (पन्ना, एमपी) के नायब तहसीलदार सुरेंद्र कुमार अहिरवार भी आ गए।
इन सभी की मौजूदगी में किशना का शव मिट्टी से निकाला गया। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कालिंजर थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी अखबारों और ग्रामीणों से मिली है। बताया कि फिलहाल इस घटना से संबंधित कोई तहरीर नहीं मिली है। उधर, आरोपी फरार हो गया है।