बता दें कि 26 मार्च की देर शाम जब मुख्तार को मेडिकल कॉलेज से वापस मंडलीय कारागार लाया गया, तभी से उसे अपनी तबीयत पूरी तरह से ठीक नहीं लग रही थी। सूत्रानुसार रात को दवा खाने के लिए हल्का सा भोजन किया था। इसके बाद बुधवार को भी उसने सिर्फ फलों का ही सेवन किया था। गुरुवार को भी थोड़ी सी खिचड़ी खाई थी।
इसके बाद उसने फिर से पेट में ऐंठन की शिकायत की। इस पर डॉक्टरों की टीम ने जांच की और इसके कुछ ही देर बाद एडीएम राजेश कुमार भी उसका हाल जानने कारागार पहुंचे थे। बाद शाम सात बजे के आसपास दोबारा तबीयत खराब होने की शिकायत पर डॉक्टरों के अलावा प्रशासन के अधिकारी भी कारागार पहुंचे और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।