करतल/नरैनी। सैकड़ों की तादाद में अन्ना गायों को सीमावर्ती मध्य प्रदेश में छोड़ने और डेढ़ दर्जन से ज्यादा मरी-अधमरी गायों को वहां दफन किए जाने के बाद मध्य प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों ने यूपी की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि उनके क्षेत्र में कोई भी मवेशी लेकर आया तो उसे पकड़ा जाएगा। बाहरी कोई पशु यहां हरगिज नहीं छोड़ने देंगे।
सीमावर्ती पहाड़ी खेरा (पन्ना) में चार दिसंबर की रात नरैनी नगर पंचायत की गोशाला से 11 ट्रकों में एक सैकड़ा से ज्यादा अन्ना गायों को रात के अंधेरे में ले जाकर मध्य प्रदेश की सीमा पार पहाड़ी खेरा में छोड़ दिया गया था। करीब डेढ़ दर्जन गायों को दफन कर दिया गया था। इनमें कई जिंदा थीं। यह कारनामा नरैनी के तत्कालीन उप जिलाधिकारी सुरजीत सिंह (निलंबित) और नगर पंचायत ईओ अमर बहादुर सिंह सहित एआरटीओ व पुलिस तथा पशु चिकित्सा विभाग के अफसरों की मौजूदगी में हुआ। इसे लेकर यूपी-एमपी दोनों जगह आंदोलन हो रहे हैं। एसडीएम और ईओ को निलंबित किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश के उत्तर वन मंडल रेंज अफसर मनोज सिंह बघेल ने रविवार को फोन पर बताया कि छोड़ी गईं तमाम गायें उनके क्षेत्र में घूमतीं देखीं गई हैं। उन्होंने कहा कि जंगल में इतना चारा नहीं है कि छोड़ी गईं इन गायों और स्थानीय अन्ना गायों के लिए पर्याप्त हो सके। वन विभाग के पौधरोपण को भी नुकसान पहुंच रहा है। लगभग 29 हजार हेक्टेयर में सिर्फ देवन नगर वन क्षेत्र है। रेंज अधिकारी ने कहा कि अब चौकसी बढ़ा दी गई है। विभागीय कर्मचारी वाहनों से सीमा और जंगल में भ्रमण कर रहे हैं। वन समितियों को भी सतर्क कर दिया गया है। अब यूपी से किसी को भी पशु छोड़ने नहीं दिया जाएगा। कोई मवेशी लेकर आया तो उसे पकड़ा जाएगा।