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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का वेतन रोका

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करतल। डीएम ने शनिवार को रगौली भटपुरा गांव के गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। डीएम ने गोशाला के खर्च का स्पष्ट जवाब न मिलने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) का नवंबर महीने का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही गौ संरक्षण केंद्रों में दवाखाना और ईयर टैगिंग पर हुए खर्च और गोशाला को मिले पैसे का ब्योरा तत्काल पेश करने का निर्देश दिया। गोशाला में दो गायों की मृत्यु स्वीकारते हुए डीएम ने गोशाला संचालकों के हवाले से 28 गायों की मौत को खारिज कर दिया।
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शुक्रवार पांच नवंबर को अमर उजाला में रगौली भटपुरा गोशाला से संबंधित खबर छपी थी। इसमें कंटीली झाड़ियां गायों को परोसने की बात प्रमुखता से उठाई गई थी। एक-एक, दो-दो करके अब तक 28 गायों की मौत हो चुकी है, जिनके शव गोशाला परिसर में ही दफन हैं। इस खबर का डीएम ने तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। उनके साथ सीडीओ वीपी मौर्य, एसडीएम सुरजीत सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सत्यपाल सिंह व नरैनी तहसीलदार परशुराम मौजूद रहे।
डीएम ने गोशाला का भ्रमण कर व्यवस्था देखी। संचालक धनंजय सिंह से पूछताछ की। बताया गया कि ठंड से सिर्फ दो गायों की मौत हुई है। गोशाला वर्ष 2020 से गोपाल गौ सेवा ट्रस्ट प्रयागराज द्वारा संचालित की जा रही है। मौजूदा में 484 गौवंश संरक्षित हैं। ईयर टैगिंग और गोशाला को मिली धनराशि के बारे में संतोषजनक जवाब न दे पाने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.सत्यपाल सिंह का डीएम ने नवंबर का वेतन अगले आदेशों तक रोकने के आदेश दिए हैं।
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कहा कि जिले के सभी वृहद गो संरक्षण केंद्रों पर दवाखाना व ईयर टैगिंग में कितना धन आवंटित हुआ है, इस बारे में तत्काल उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के दौरान 100 क्विंटल भूसा, 30 किलो गुड़, डेढ़ क्विंटल चोकर, एक क्विंटल नमक गोदाम में पाया गया है। डीएम ने गोशाला संचालक और पशु मित्र को निर्देश दिए कि गोशाला की रोजाना सफाई कराएं और गायों का स्वास्थ्य परीक्षण कराते हुए उनका इलाज भी कराएं।
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