बांदा। बयालीस डिग्री के तपिश भरे मौसम में रमजान माह की एंट्री हो रही है। शिद्दत की इस गर्मी में रोजेदार 14 घंटे से भी ज्यादा तपस्या की कठिन परीक्षा देंगे। मंगलवार (13 अप्रैल) को शाम रमजान माह का चांद नजर आएगा। कुछ ही देर बाद तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाएगी।
बुधवार को पहला रोजा होगा। बीते साल का रमजान भी कोरोना संक्रमण के बीच लॉकडाउन में हुआ था। पहली बार मस्जिदों में सामूहिक तरावीह नहीं हो पाई। न ही इफ्तार पार्टियां हो सकी थीं। ईद की नमाज भी घरों में ही अदा की गई। इस साल भी कोरोना के तेवर कमोवेश उसी तरह के हैं। रोजाना बढ़ रहे संक्रमण से फिलहाल नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। मंगलवार को चांद नजर आने के साथ ही रमजान माह शुरू हो जाएगा। मस्जिदों में 20 रकत तरावीह की विशेष नमाज अदा की जाएगी। बुधवार को तड़के चार बजकर 23 मिनट तक पहले रोजे की सहरी होगी। इफ्तार शाम 6.33 बजे होगा। यानी पहला रोजा 14 घंटे 10 मिनट का होगा। रोजेदार पानी की बूंद भी हलक में नहीं डाल सकेंगे। इफ्तार आदि के लिए खरीदारी शुरू हो गई है। मस्जिदों को भी रंगरोगन किया जा रहा है।