बांदा। सोमवती अमावस्या पर महिलाओं ने पीपल के 108 फेरे लगाकर पूजा-अर्चना की और सुहाग की सलामती के लिए कामना की। उधर, मंगलवार से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में साज-सज्जा का काम जोरशोर से चलता रहा।
मंदिरों में श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रथम दिन देवी शैलपुत्री की पूजा होगी। महेश्वरी देवी, बांबेश्वर मंदिर, बुद्धराम कुआ आश्रम, संकट मोचन, बांबेश्वर, पंचानन आश्रम आदि में देर शाम तक महिलाओं की भीड़ रही। उधर, चैत्र नवरात्र को लेकर सारा दिन लोग खरीदारी में लगे रहे। संस्कृत महाविद्यालय प्राचार्य डा. अशोक अवस्थी के अनुसार अबकी नवरात्र पूरे नौ दिन के होंगे। मां परांबा का आगमन अश्व पर हो रहा है। हालांकि, यह कष्टकारी होता है, लेकिन गमन मानव कंधों पर होने से सब कुछ ठीक हो जाएगा। जिसका फल सुखदायी होगा। बताया कि कलश स्थापना 13 अप्रैल को प्रात 5.43 से 8.47 के मध्य होगी। अष्टमी 20 अप्रैल और नवमी 21 की शाम 6.59 बजे तक रहेगी। 21 को शाम 7 बजे से दशमी आ जाएगी।
घरों में पूजा कर मनाएं नवरात्र
अतर्रा। चैत्र नवरात्र को लेकर गौरा बाबा धाम मंदिर, बड़ी माता मंदिर, दुर्गा माता मंदिर समेत अन्य देवी स्थानों पर पुजारियों समेत मंदिर संचालकों ने मंदिर प्रांगण की सजावट की है। पुजारियों ने श्रद्धालुओं से घरों में ही पूजा करने की अपील की है। गौराधाम बाबा मंदिर पुजारी पुरुषोत्तम दास महाराज ने बताया कि पूरे नवरात्रि अखंड ज्योति दीप जलाकर बीमारी से निजात की प्रार्थना की जाएगी। (संवाद)