बांदा। पुणे से लौटे युवक ने शुक्रवार की शाम जहरीली गोलियां खा लीं। अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
नरैनी कोतवाली क्षेत्र के जमवारा गांव के मजरा सकरिहा पुरवा निवासी रामकरन पुणे में रहकर काम करता था। 12 दिन पूर्व ही वह घर आया था। यहां रहकर वह मां रामरती के साथ ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था। शुक्रवार की शाम वह मजदूरी करने के बाद मां के साथ घर वापस आया। मां की नजर बचाकर उसने जहरीली गोलियां खा लीं। कुछ ही देर में उल्टियां होने पर मां को जानकारी हो सकी।
सूचना पर पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, वहां इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नगर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव निवासी फूफा लखन कबीर ने बताया कि रामकरण का छोटा भाई अंकित किराने की दुकान में काम करता है। शुक्रवार को वह मौसी के यहां गया हुआ था। घर में मां-बेटे ही अकेले थे। फूफा ने यह भी बताया कि रामकरन पुणे में पेंटिंग और मजदूरी का काम करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी।