बांदा। लोहिया गांव छिरहुटा (तिंदवारी) की हालत देखकर डीएम सुरेश कुमार तेवर चढ़ गए। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी समेत 6 अफसरों का वेतन रोक दिया। पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि और अन्य कई लापरवाह अफसरों व कर्मियों को कड़ी चेतावनी दी।
शौचालय, नाली-खड़ंजा, केसी ड्रेन व विद्युतकीरण संतोषजनक नहीं मिले। डीएम और उनके साथ चल रहे अफसरों की टीम को कई जगह गंदे पानी और कीचड़ को लांघना और गुजरना पड़ा। निरीक्षण मेें गैरहाजिर विद्युत वितरण, जल निगम और आरईएस एक्सईएन तथा आरईएस के एई और जिला कार्यक्रम अधिकारी का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। बीडीओ को तालाब खुदाई करने वाले मजदूरों का भुगतान 15 दिन में कराने को कहा। बीएसए को मिड-डे मील का मेन्यू व शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की हिदायत दी। शौचालय का निर्माण घटिया जाने पर डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए। बीडीओ व सचिव लोहिया व इंदिरा आवासों के बारे में कोई जवाब नहीं दे सके। डीडीओ के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित आवासों की जांच कराने को कहा। बीडीओ को कड़ी चेतावनी दी।