बांदा। पट्टे की जमीन से दबंगों का अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर अशोकलाट पर भूख हड़ताल कर रहे वृद्ध की हालत बिगड़ गई। पुलिस ने उसे रात में जिला अस्पताल में दाखिल कराया। तहसीलदार ने रविवार को सुबह जूस पिलाकर उसका अनशन खत्म कराया। उन्होंने पांच दिन के अंदर कब्जा हटवाने का भरोसा दिलाया।
तिंदवारी क्षेत्र के गजनी गांव निवासी शिवमंगल (85) अपने परिजनों के साथ सात नवंबर से अशोक लाट के पास धरने पर बैठा है। उसका कहना है कि गांव के कुछ दबंगों ने पुलिस व प्रशासिनक अधिकारियों की मिलीभगत कर उसके पट्टे की जमीन पर कब्जा कर लिया है। न्याय के लिए दर-दर भटका, उसकी व्यथा सुनने को कोई तैयार नहीं है। थकहार कर उसने अनशन का निर्णय लिया। धरने पर भी अधिकारी सुधि लेने नहीं पहुंचे तो शिवमंगल ने 14 नवंबर से अन्न व जल भी त्याग दिया। उसके समर्थन में राष्ट्रीय विकलांग पार्टी व जनता दल यू भी आ गए। पत्नी जानकी, बेटा श्रीकृष्ण, बहू रामदेवी, नाती गंगाराम,लक्ष्मण कुमार व नातिन गुड़िया के साथ धरने पर बैठे दलित विकलांग वृद्ध की तीन दिन बाद हालत बिगड़ गई। तब तहसील प्रशासन की नींद टूटी। शनिवार की रात पुलिस अशोकलाट पहुंची और वृद्ध को उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। रविवार दोपहर तहसीलदार सदर राजेंद्र पांडेय अस्पताल पहुंचे और वृद्ध को जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। तहसीलदार ने भरोसा दिया कि 23 नवंबर को पुलिस फोर्स के साथ वह गांव आएंगे और पट्टे पर उसे कब्जा दिलाया जाएगा।