बांदा। सामूहिक विवाह समारोह में मंगलवार को जीआईसी के मैदान पर मेले सा नजारा रहा। प्रशासन ने 701 जोड़ों का विवाह कराया। उधर, विवाह समारोह में ठंड सब पर हावी रही। कई दूल्हे भी कंबल आेढ़े नजर आए।
डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि 701 जोड़ों में 353 अनुसूचित जाति, 330 पिछड़ा वर्ग, 13 मुस्लिम वर्ग व पांच सामान्य वर्ग के जोड़ों का वैवाहिक कार्यक्रम कराया गया। उधर, विवाह समारोह में ठंड का असर विवाह समारोह में भी दिखा।
फेरे लेने से पहले दूल्हे मनोहर को कोट में कंपकपी छूटी तो फौरन उसके घरवालों ने उसे कंबल ओढ़ा दिया। इसके बाद उसने सभी रस्में कंबल ओढ़कर ही पूरी की। प्रशासन को भी ठंड का अंदाजा था, इसके लिए पंडाल के बाहर गैस हीटर का इंतजाम किया गया था। जहां पर हाथ सेंकने वालों की भीड़ दिखाई दे रही थी।
इस दौरान समारोह में जब डीएम जोड़ों को दिए जाने वाले उपहार को मेज पर सजाकर रखने लगीं तो उनके साथ मौजूद अधिकारी भी उनकी मदद में जुट गए। उधर, समारोह के दौरान जनाती और बरातियों ने खूब डांस किया। उधर, मुस्लिम जोड़ों के निकाह के लिए भी प्रशासन ने पूरी व्यवस्था कराई।
अधिकारियों ने वर-वधू को दिया आशीष
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि व कैबिनेट मंत्री जल शक्ति स्वतंत्र देव सिंह व विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग संजीव कुमार गोंड एवं राज्यमंत्री जलशक्ति विभाग रामकेश निषाद के अलावा बांदा सदर विधायक श्री प्रकाश द्विवेदी, विधायक नरैनी श्रीमती ओममणि वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल आदि ने वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. संजय सिंह, मंडलायुक्त बालकृष्ण त्रिपाठी भी मौजूद रहे। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक तीन लाख से अधिक गरीब परिवार की कन्याओं का विवाह करवाया है। राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। उधर, छात्राओं ने लोकगीत, आल्हा, देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके बाद जोड़ों को उपहार देकर विदा किया गया।
हवन जलाने में जुटा जोड़ा
समारोह में एक जोड़ा ऐसा भी था, जिसने पंडित को मंडप तक आने देरी होते देख खुद ही हवन कुंड में आग जलाने का प्रयास शुरू कर दिया। बाद में परिजनों ने फौरन पंडित को तलाश कर उनके मंडप तक पहुंचाया।