बांदा। गांव के लोगों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण रूटों पर दो मंजिला बसें (डबल डेकर) चलाई जाएंगी। इसके लिए रूटों का सर्वे कर लिया गया है। बस मालिकों को अनुबंध पर बसें चलाने के लिए राजी किया जा रहा है।
ग्रामीण रूटों पर डग्गामारी पर अंकुश लगाने के लिए शासन के आदेश पर परिवहन विभाग ने अक्तूबर में 67 ऐसे ग्रामीण मार्ग चिह्नित किए हैं, जहां पर बस सेवा उपलब्ध नहीं है। शासन ने परिवहन विभाग की ओर से भेजे गए ग्रामीण रूटों में बस चलाने की स्वीकृति दे दी है। एआरटीओ शंकर जी सिंह ने बताया कि ग्रामीण रूटों पर प्राइवेट डबल डेकर बसें संचालित की जानी है।
ग्रामीण रूटों पर बस चलाने के इच्छुक मालिकों परमिट दिया जाएगा। बसें अनुबंध पर लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण रूटों पर आमदनी कम होने से प्राइवेट बसों के बसें लगाने के तैयार नहीं है। उन्हें बस चलाने के लिए राजी किया जाएगा।
इसके लिए बस मालिकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में परिवहन निगम के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण रूटों पर यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए ही दो मंजिला बसें चलाने का निर्णय लिया गया, यही बात बस मालिकों को भी समझाई जाएगी। यदि वे मान गए तो जल्द ही बसें चला दी जाएंगी।