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60 करोड़ के करंट का हर माह झटका

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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में पावर कारपोरेशन को बिजली आपूर्ति घाटे का सौदा साबित हो रही है। हर माह 60 करोड़ रुपये के करंट का झटका लग रहा है।
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चारों जनपदों के उपभोक्ताओं की स्थिति यह है कि हर महीने औसतन एक अरब रुपये से ज्यादा की बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं। बिल की अदायगी सिर्फ 40 करोड़ हो रही है।
बीते जुलाई माह के ये आंकड़े कमोवेश हर माह रहते हैं। इस बाबत कारपोरेशन के बड़े अधिकारी कहते हैं कि यह स्थिति चिंताजनक है। कारपोरेशन को कठिन परिस्थितियों में ढकेलने की नौबत है। प्रदेश में कोई भी सरकार रही हो बुंदेलखंड को सामान्य कटौती से मुक्त रखा गया।
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इधर कई वर्षों से यहां बिजली आपूर्ति में काफी सुधार भी हुआ है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को पर्याप्त रूप से बिजली मिल रही है। ऐसे में बिजली की खपत बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन बिजली की यह आपूर्ति पावर कारपोरेशन के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में 50 फीसदी भी बिजली बिल की वसूली नहीं हो रही। औसतन हर माह लगभग एक अरब रुपये से ज्यादा की बिजली की खपत हो रही, जबकि बिल वसूली/राजस्व बमुश्किल 40 से 43 करोड़ रुपये के आसपास आ रहा है।
यानी हर माह कारपोरेशन को 60 करोड़ रुपये के करंट का झटका चारों जिलों में लग रहा है। बीते माह जुलाई में चारों जिलों में एक अरब 6 करोड़ 88 लाख रुपये की बिजली आपूर्ति की गई, जबकि राजस्व वसूली मात्र 43 करोड़ 91 लाख रुपये की ही हो पाई।
जुलाई में चित्रकूटधाम मंडल में मिली बिजली की कीमत और राजस्व आमद
जनपद बिजली कीमत (रुपये में) आमद (रुपये में)
बांदा 43 करोड़ 14 करोड़
चित्रकूट 20.85 करोड़ 8.73 करोड़
महोबा 18.20 करोड़ 10.00 करोड़
हमीरपुर 24.83 करोड़ 11.18 करोड़
योग- 106.88 करोड़ 43.91 करोड़
नोट- बिजली कीमत का आकलन औसतन पांच रुपये प्रति यूनिट की दर से किया गया है।
22 मिलियन यूनिट कम खर्च हुई बिजली
कोरोनाकाल में लॉकडाउन का चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, चित्रकूट और महोबा में बिजली खपत पर भी असर पड़ा है। आपूर्ति के आंकड़े इसके गवाह हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा चालू वर्ष में जुलाई माह में मंडल के चारों जिलों में 22 मिलियन यूनिट बिजली कम खर्च हुई है।
मंडल के चारों जिलों में पिछले और इस वर्ष जुलाई में बिजली की खपत (मिलियन यूनिट) में
जनपद इस वर्ष पिछले वर्ष कमी
बांदा 73.134 82.306 9.172
चित्रकूट 37.911 45.325 7.414
हमीरपुर 51.741 54.786 3.045
महोबा 38.907 41.751 2.844
योग- 201.693 224.168 22.475
बिजली खपाने में बांदा जिला रहा अव्वल
चित्रकूटधाम मंडल में बिजली की खपत में बांदा जनपद सबसे आगे है। यहां 73.134 मिलियन यूनिट की खपत एक माह के दौरान हुई है। दूसरे नंबर पर हमीरपुर जिला है, जहां 51.741 मिलियन यूनिट का खर्च है।
चित्रकूट और महोबा जिले में लगभग एक जैसी खपत है। महोबा जिले में 38.907 और चित्रकूट जिले में 37.911 मिलियन यूनिट का खर्च है। चारों जिलों के यह आंकड़े पिछले जुलाई माह के हैं।
जितनी ज्यादा यूनिट उतनी अधिक दर
जितनी ज्यादा बिजली खर्च होगी, उतनी इसकी दर बढ़ती जाएगी। 100 यूनिट तक बिजली दर प्रति यूनिट चार रुपये बताई गई है। 100 से 150 यूनिट पर चार रुपये 90 पैसे, 150 से 200 यूनिट पर 5 रुपये 30 पैसे और 200 से अधिक यूनिट पर 7 रुपये 30 पैसे प्रति यूनिट पावर कारपोरेशन को अदा करना पड़ता है।
समाधान योजना से वसूली बढ़ने की उम्मीद
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन में बकाएदारों से वसूली के लिए एक बार फिर एकमुश्त समाधान योजना का सहारा लिया है। ऐसे में चित्रकूटधाम मंडल के कारपोरेशन के अधिकारियों को उम्मीद है कि चारों जिलों में बड़ी संख्या में बड़े बकायेदार इस योजना का लाभ लेकर बिल अदायगी करेंगे।
समाधान योजना 20 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्तूबर तक चलेगी। सरचार्ज माफ रहेगा। बकाया बिल 6 आसान किस्तों में अदा किया जा सकेगा। एक किलोवाट तक के बकायेदार कनेक्शनधारकों को 1000 रुपये और दो से पांच किलोवाट तक के बकायेदारों को 2000 रुपये जमा करके रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
31 अगस्त 2021 तक के बकाया बिल में यह योजना लागू होगी। इस तिथि के बाद के बिल एक साथ जमा करना होंगे। तभी पंजीकरण पूरा होगा।
चित्रकूटधाम मंडल में राजस्व वसूली की स्थिति बहुत ही खराब है। लक्ष्य के सापेक्ष बमुश्किल 30 फीसदी ही वसूली हो पा रही है, जबकि बिजली पूरे मंडल को भरपूर दी जा रही है।
राजस्व प्राप्त न होने से पावर कारपोरेशन को कठिनतम परिस्थितियों में ढकेला जा रहा है। कारपोरेशन की आर्थिक हालत पर काफी दबाव पड़ रहा है। बिजली उपभोक्ताओं को खरीद कर दी जाती है। इसका भुगतान नहीं हो पा रहा। इसका भुगतान करने में दिक्कतें आ रहीं हैं।
बकायेदारों में सरकारी, गैरसरकारी दोनों ही उपभोक्ता है। वसूली अभियान चल रहा है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि समय से बिल जमा करें, ताकि कारपोरेशन उन्हें नियमित बिजली मुहैया कराता रहे।
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-बसंत कुमार झा, मुख्य अभियंता (वितरण), चित्रकूटधाम मंडल पावर कारपोरेशन, बांदा।
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