बांदा : शासन नगर पालिका को आय में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दे रही है। ताकि नगर का विकास तेजी से हो सके। पालिका में आय प्रमुख स्रोत हाउस टैक्स ही है। इससे सालाना करीब सवा करोड़ की वसूली हो पाती है। जबकि पालिका का सिर्फ वेतन मद में ही करीब 17 करोड़ रुपये का खर्च है। नगर पालिका में करीब 4332 भवन स्वामी कर के दायरे से बाहर हैं। यह बिना हाउस टैक्स दिए ही दो मंजिला-तिमंजिला भवनों में रहकर पालिका की सभी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। जबकि 35 प्रतशित भवन स्वामी ऐसे हैं, जो पालिका में दर्ज हैं तो, पर टैक्स नहीं दे रहे हैं।
मंडल मुख्यालय बनने के बाद बांदा नगर पालिका का विस्तार से तेजी से हुआ है। दशक भर पहले जहां बांदा नगर पालिका क्षेत्र में करीब 20 हजार के आसपास भवन थे। वहीं अब इनकी संख्या 30,134 पहुंची पहुंच गई है। नगर पालिका पर नगर के विकास का दारोमदार है। शासन की मंशा है कि नगर पालिका अपने आय के स्रोतों में इजाफा करे और आत्मनिर्भर बने। नगर पालिका के आय का प्रमुख आय का स्रोत हाउस टैक्स है। पिछले दिनों हुए सर्वे में 30,134 मकानों की रिपोर्ट आई है। जबकि नगर पालिका में सिर्फ 25,822 मकान ही दर्ज हैं। 4,332 भवन स्वामियों ने अभी तक हाउस टैक्स के लिए असिस्मेंट ही नहीं कराया है। नगर पालिका के हाउस टैक्स के दायरे में 25,822 भवन स्वामी हैं, लेकिन इनमें करीब आठ हजार ऐसे हैं, जो गृह कर जमा करने में रुचि नहीं दिखाते हैं।
नगर में लागू है स्वकर निर्धारण प्रणाली
बांदा। नगर क्षेत्र में हाउस टैक्स के लिए स्वकर निर्धारण प्रणाली लागू की गई है। यह पांच वर्षों से चल रही है। इसके तहत व्यावसायिक भवनों में सर्किल रेट के हिसाब से मकान का मूल्यांकन किया जाता है। उसकी मूल्यांकित राशि के पांच प्रतिशत में दस प्रतिशत हाउस टैक्स लगाया जाता है। इसी तरह सामान्य मकानों में वर्ग फीट के हिसाब से टैक्स लगता है। इसका मूल्यांकन खुद मकान स्वामी करता है।
पिछले वर्ष 1.04 करोड़ हुई थी वसूली
बांदा। नगर पालिका के कर निरीक्षक तेज बहादुर के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष में 1.04 करोड़ रुपये हाउस टैक्स वसूल किया था। जबकि यदि सभी भवन स्वामी नियमत: टैक्स जमा करें तो चार करोड़ से ऊपर की वसूली हो सकती है। इस वित्तीय वर्ष में अभी तक 1.32 करोड़ की वसूली हो चुकी है।
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हाउस टैक्स चोरी करने वालों पर कसेगा शिकंजा
बांदा : नगर पालिका ने सर्वे कराया है। अब हाउस टैक्स चोरी करने वालों पर पालिका जल्द शिकंजा कसेगी। करीब दो भवन स्वामियों को अभी प्राथमिक नोटिस व बिल भेजे गए हैं। इसके बाद इन्हें आरसी नोटिस भेजी जाएगी। फिर राजस्व की भांति वसूली कराई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक दस हजार से ऊपर बकायेदारों पर कार्रवाई की तैयारी है।
कोट-हाउस टैक्स न जमा करने वालों पर अब सख्ती की जाएगी। साथ ही जो भी भवन स्वामियों ने अपना मकान नगर पालिका में नहीं दर्ज कराया है,उन्हें नोटिस भेजी जा रही है।
-नीलम चौधरी, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बांदा