स्टेट बैंक की बांदा ब्रांच में छाया सन्नाटा।
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बांदा। लॉकडाउन में बैंकों का कारोबार भी औंधे मुंह गिरा है। ग्राहकों और खाताधारकों के पड़े टोटे से बैंक व्यवसाय रोजाना 27 करोड़ रुपये से ज्यादा नीचे आ गया है। अभी इसके और गिरने के आसार हैं। बैंकों के लगभग 60 फीसदी कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं।
जिले में 16 विभिन्न बैंकों की कुल 160 ब्रांचें हैं। लॉकडाउन के पूर्व इनमें प्रतिदिन करीब 29 करोड़ रुपये का लेन-देन और क्लीयरिंग व्यवसाय हो रहा था। अब पिछले तीन दिनों से लॉकडाउन में यह व्यवसाय भी बुरी तरह डाउन हुआ है। मात्र 1.84 करोड़ रुपये का ही कारोबार रह गया है। जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक अभिजीत सिंह ने आशंका जताई कि अभी व्यवसाय में और गिरावट आएगी।
उन्होंने बताया कि पूर्व में करीब 24 करोड़ का लेन-देन और 5 करोड़ की क्लीरिंग होती थी। अब 1.44 करोड़ का लेन-देन और मात्र 40 लाख की क्लीयरिंग हो रही है। उधर, स्टेट बैंक मुख्य प्रबंधक आरपी सिंह ने बताया कि उनके बैंक में 60 फीसदी कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं। छह अकाउंट में सिर्फ तीन ड्यूटी पर हैं। खाताधारकों या ग्राहकों के न आने से उनके पास भी काम नहीं रहता, जबकि यह वित्तीय वर्ष का आखिरी माह और हफ्ता है।
रेलवे और रोडवेज को 71 लाख का घाटा
बांदा। लॉकडाउन में रेलवे व रोडवेज को 71 लाख रुपये का रोजाना घाटा हो रहा है। चित्रकूटधाम मंडल में रेलवे को 48 लाख व रोडवेज को 23 लाख रुपये की आमद बंद हो गई है।
दूसरी तरफ रेलवे को रोजाना करीब 17 लाख व रोडवेज को 7 लाख रुपये वेतन के रूप में अपने कर्मचारियों को देना पड़ रहा है।
वाणिज्य निरीक्षक (रेलवे) संजय कुमार ने बताया कि सभी यात्री ट्रेनें बंद हैं। सिर्फ झांसी-मानिकपुर सेक्शन में सिर्फ मालगाडिय़ां चल रही हैं। लोको पायलटों व गार्डों के सहित सिर्फ 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं। उधर, परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि बसों के बंद होने से राजस्व आय भी ठप है।