बांदा। अनुसूचित जाति की महिला और उसके पुत्र को रास्ते में घेरकर मारपीट करने के जुर्म में 2 दोषियों को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) बलराज सिंह ने 3-3 वर्ष की कैद और क्रमश: 6 हजार व 4 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि मर्का थाना क्षेत्र के समगरा गांव की सुशीला ने 13 दिसंबर 2008 को अदालत के जरिए थाने में बल्दू पुत्र गुलाब, भूरी उर्फ भुर्रा पुत्र टिर्रा यादव और एक किशोर के विरुद्ध मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कहा था कि 8 नवंबर 2008 की शाम शौच को जा रहे उसके पुत्र राजेश को नाबालिग किशोर ने रोका। बल्दू व भूरी भी पहुंच गए। सभी ने उसको पीटा। बचाने पहुंची मां सुशीला को भी मारा-पीटा। विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
विशेष अभियोजक विमल सिंह और सहायक शासकीय अधिवक्ता जावत्री प्रसाद वर्मा ने 6 गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सजा सुनाई। अवयस्क आरोपी की फाइल अलग कर दी गई।