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15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म में 15 वर्ष की कैद

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बांदा। अनुसूचित जाति की 15 वर्षीय किशोरी को सरेशाम घसीट कर खेत में दुष्कर्म के दोषी को बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने 15 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न अदा करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भी दोषी को भुगतनी होगी।
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घटना शहर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 7 मार्च 2017 की शाम करीब पांच बजे की है। किशोरी गांव के बाहर खेत में शौच करने को गई थी। वापस लौटते समय गांव के ही 24 वर्षीय युवक विनोद कुमार ने उसे दबोच लिया और गेहूं के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया था।
एडीजीसी (पाक्सो) रामसुफल सिंह के मुताबिक, शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देकर किशोरी को लगभग एक घंटा खेत में कब्जे में रखा था। इसी बीच किशोरी के दादा वहां पहुंच गए। विनोद धमकी देकर भाग निकला था। किशोरी के पिता ने यूपी-100 पुलिस सूचना दी। पुलिस ने आरोपी के घर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। किशोरी के पिता ने उसी दिन देर शाम शहर कोतवाली में आरोपी युवक के विरुद्ध नामजद तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
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बाद में 8 मार्च को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एससी/एसटी एक्ट समेत पाक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की थी। किशोरी का डाक्टरी परीक्षण हुआ और बयान दर्ज किए गए। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार ने विवेचना कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से एडीजीसी (पाक्सो) रामसुफल सिंह ने छह गवाह पेश किए। डाक्टरी परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। बृहस्पतिवार को अपर सत्र न्यायाधीश नेे फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने दोषी विनोद कुमार को पाक्सो एक्ट में 15 वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जमानत पर चल रहे अभियुक्त को पुलिस ने जेल भेज दिया।
रिपोर्ट दर्ज न करने पर इंस्पेक्टर को नोटिस
बांदा। अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म की रिपोर्ट तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कुशल पाल सिंह ने दर्ज नहीं की थी। ये बात भी अदालत तक पहुंची। पिछले माह 18 अगस्त को अपर सत्र न्यायाधीश ने कोतवाली प्रभारी (मौजूदा में हमीरपुर में तैनात) को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया कि रिपोर्ट क्यों नहीं दर्ज की। प्रभारी निरीक्षक ने अदालत मेें अर्जी देकर सफाई दी कि किशोरी रिपोर्ट दर्ज कराने उनके पास नहीं आई थी। जैसे ही उन्हें आदेश प्राप्त हुआ, रिपोर्ट दर्ज कर ली। अदालत ने अर्जी पर सुनवाई के बाद नोटिस निरस्त कर दी।
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