बांदा। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक दवा फर्म संचालक ने एक साल पांच माह में कोडीनयुक्त कफ सिरप की 15 हजार शीशियां बाजार में खपा दीं। जांच में खुलासा होने पर वह किसी भी औषधि का विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने संबंधित फर्म संचालक को दो दिन का समय देते हुए अभिलेख मांगे थे। इस पर औषधि निरीक्षक ने कोतवाली में फर्म संचालक पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उत्तर प्रदेश खाद्य एवं सुरक्षा आयुक्त डाॅ. रोशन जैकब के निर्देश पर में खांसी के कोडीनयुक्त सिरप की बिक्री पर इस साल 13 अक्टूबर को प्रतिबंध लगाया गया था। साथ ही निर्माण करने वाले फर्म व मेडिकल स्टोर की जांच करने के निर्देश प्रशासन ने दिए थे। इस आदेश के अनुपालन में औषधि निरीक्षक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन दिव्य प्रकाश मौर्य ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि उन्होंने 31 अक्टूबर को शहर कोतवाली क्षेत्र के गूलरनाका स्थित एमएस डीएमसी फर्म संचालक धनराज गुप्ता के प्रतिष्ठान में जांच की थी।
वहां उन्होंने पाया कि 30 मई 2024 से 31 मार्च 2025 तक वर्णित औषधियों की खरीद एमएस इदिका लाइफसींस ट्रांसपोर्ट नगर एलडीए कालोनी कानपुर रोड, लखनऊ से की गई थी। जांच के दौरान फर्म में वर्णित औषधियों को कोई भी स्टाक भी नहीं मिला। निरीक्षण के समय फर्म संचालक से क्रय विक्रय अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा गया, लेकिन लेकिन वर्णित औषधियों का कोई भी अभिलेख नहीं दिए गए।
औषधि निरीक्षक की ओर से दी गई तहरीर में यह भी लिखा है कि 18 अगस्त 25 को खरीदीं गईं 900 शीशियों के क्रय अभिलेख व वर्णित किसी भी औषधि का विक्रय अभिलेख वह प्रस्तुत नहीं कर पाए। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर कोतवाली में फर्म संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि औषधि निरीक्षक की तहरीर पर फर्म संचालक के खिलाफ कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री किए जाने की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है।