बांदा। किशोरी के साथ छेड़खानी करने, गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्र की अदालत ने 3 वर्ष का कठोर कारावास सुनाया। साथ ही अन्य धाराओं में सजा सहित 4000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इसकी अदायगी न करने पर दो माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वहीं अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
चिल्ला थाना क्षेत्र का एक गांव निवासी पीड़िता के पिता ने 6 अगस्त 2020 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 3 अगस्त 2020 को समय 5:30 बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री घर से कुछ दूरी पर कूड़ा डालने गई थी। वहीं एक मकान के पास झाड़ियां थीं। पास में जितेंद्र पाल जो पहले से शौचालय के पास छिपा था। उसने पुत्री के साथ अश्लील हरकत की। जब उसने शोर मचाया तो मेरा लड़का जो छत पर था उसने घटना को देख लिया। जिस पर जितेंद्र पाल गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गया। इसके बाद पुलिस के द्वारा मामले का आरोप पत्र अदालत में पेश किया गया। दोषी के विरूद्व अदालत में 7 नवंबर 2020 को आरोप बनाया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से 7 गवाह परीक्षित कराएं गए। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने अपने 14 पृष्ठीय फैसले में जितेंद्र पाल को दोषी पाते हुए मंगलवार को सजा सुना दी।