फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की तैयारियां तेज

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। बुंदेलखंड को देश की राजधानी दिल्ली सहित कई महानगरों से सड़क मार्ग के जरिए सीधे जोड़ने के लिए प्रस्तावित बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को अमली जामा पहनाने की तैयारियां तेज हो गई हैैं। लगभग 14 हजार करोड़ की लागत वाला यह एक्सप्रेसवे 294 किलोमीटर लंबा होगा। इसमें बुंदेलखंड के बांदा, चित्रकूट, महोबा और हमीरपुर जिले शामिल हैं। एक्सप्रेसवे की राह में पड़ने वाले गांवों की भूमि अधिग्रहीत करने के लिए राजस्व विभाग ने जिला स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी है। महोबा और चित्रकूट जिलों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा जा चुका है और अब बांदा सहित अन्य जिलों के लिए तैयारी चल रही है। बांदा जिले के लगभग 49 गांव एक्सप्रेसवे से जुड़ेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में इसका नाम ‘अटल पथ’ रखा जाएगा।
विज्ञापन



बुंदेलखंड को दिल्ली तक तेज रफ्तार परिवहन से जोड़ने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे निर्माण को मंजूरी दी है। भारीभरकम खर्च वाली यह परियोजना निजी सहभागिता (पीपीपी मॉडल) से पूरी होगी। हाईब्रिड मॉडल से यह कार्य होगा। विकासकर्ता (डेवलपर) को लगभग 60 प्रतिशत को पूंजी लगानी होगी। शेष 40 फीसदी सरकार देगी। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चार लेन का होगा। एक्सप्रेसवे में शामिल होने वाले गांवों की भूमि के लिए अधिग्रहण की सूचना जारी करने की प्रक्रिया जारी है। चित्रकूट जिले से इसका प्रकाशन भी हो चुका है।

यहां एक सौ से ज्यादा किसानों की भूमि खरीदी जाएगी। बांदा जिले में 49 गांवों की भूमि किसानों से खरीदी जाएगी। निर्माण कार्य चित्रकूट से शुरू होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम यूपीडा ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। वैसे तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे निर्माण का कार्य 2019 से पहले शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि इस दौरान 70 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी कर ली जाए। लेकिन लोकसभा चुनाव की अधिसूचना के मद्देनजर माना जा रहा है कि एक्सप्रेसवे की घोषणा और शिलान्यास अगले माह दिसंबर में हो सकता है। इसका निर्माण चालू वित्त वर्ष 2018-19 में ही चालू कराने के मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान और याद में ‘अटल पथ’ रखा जाएगा।
विज्ञापन




लगभग 294 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण पर जमीन का मुआवजा लगभग 3000 करोड़ रुपये देना होगा। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगभग 11,000 करोड़ खर्च होंगे। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे झांसी से शुरू होकर औरैया, जालौन, हमीरपुर, बांदा, चित्रकूट तक जाएगा। फिर यह इटावा से होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे में जुड़ जाएगा। यह सड़क चार लेन की होगी।
विज्ञापन



-294 किमी लंबा होगा, 14 हजार करोड़ रुपये होगी लागत
-महोबा और चित्रकूट में भेजा जा चुका अधिग्रहण का प्रस्ताव
-अगले माह से शुरुआत के आसार
-बांदा के 49 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें