फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रिमझिम बारिश से गिरा 10 डिग्री पारा

विज्ञापन
रिमझिम बारिश के बीच छातों की ओट में ग्राहकों का इंतजार करती फुटपाथी सब्जी विक्रेता महिला। - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। बीते मई माह में 48 डिग्री तपिश की मार झेल चुके चित्रकूटधाम मंडल के बाशिंदों को जून माह में राहत मिली है। मानसूनी मौसम शुरू होने के करीब दो सप्ताह पहले ही बृहस्पतिवार को मौसम में बड़ा बदलाव आया। दिनभर हुई बूंदाबांदी और रिमझिम बारिश से तापमान में 10 डिग्री की भारी गिरावट आई। गर्म हवाओं के थपेड़े और धूप की तपन काफूर हो गई।
विज्ञापन

हालांकि, खेती-किसानी के लिए इस बारिश को ज्यादा नफा-नुकसान की दृष्टि से नहीं देखा जा रहा है। मई माह में यहां अधिकतम पारा 48 डिग्री तक पहुंच गया था। कई दिन लू के थपेड़ों ने भी लोगों के बेहाल कर दिया था। कयास लगाया जा रहा था कि जून में मौसम और जानलेवा बनेगा, लेकिन फिलहाल मौसम इसके उलट है। कई दिनों से रोज बादल और हल्की बूंदाबांदी के बाद बृहस्पतिवार को तड़के से ही मौसम ने मानसून जैसे तेवर अपना लिए। पूरा दिन रिमझिम बारिश या बूंदाबांदी का सिलसिला नहीं टूटा।
यहां का अधिकतम पारा 38 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। 15 से 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहीं हवाओं ने ठंड का अहसास दिलाया। गर्मी और पसीने से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, दिनभर की बारिश ने जनजीवन पर काफी असर डाला। बाजारों और सड़कों पर गिनेचुने लोग ही नजर आए। कारोबार और व्यापार पर भी असर पड़ा। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

एमपी के चक्रवात का मंडल में असर
नरैनी। चित्रकूटधाम मंडल में बृहस्पतिवार को को दिनभर हुई बारिश और बूंदाबांदी सीमावर्ती मध्य प्रदेश में निसर्ग चक्रवात का असर बताया गया है। पूरे दिन एमपी के अधिकांश हिस्सों में कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश होती रही। मंडल की सरहद से जुड़े छतरपुर और पन्ना आदि जिलों में चक्रवात का काफी असर रहा।
मौसम विभाग ने इसके लिए पहले से अलर्ट जारी किया था। चित्रकूटधाम मंडल मध्य प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव का सीधा असर यहां पड़ता है। सीमावर्ती गांवों में बारिश तेज होने से खेतों में पानी भर गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें