बांदा। राष्ट्रीय अति पिछड़ी अनुसूचित जाति जागृति मोर्चा की बांदा यूनिट ने प्रदेश के राज्यपाल को 20 सूत्री ज्ञापन भेजा है। प्रशासन के जरिए बुधवार को भेजे गए ज्ञापन में कहा है कि भाजपा सरकार आने के बाद एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। कानून व्यवस्था शून्य है। जातिवादी दबंगों का मनोबल चरम पर है। प्रशासन उन्हीं का साथ दे रहा है।
ज्ञापन में प्रदेश के विभिन्न जिलों में इन जातियों के लोगों के साथ हुए अपराधों का हवाला भी दिया गया है। मांग की गई है कि जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के निर्दोष विद्यार्थियों की तत्काल रिहाई, मॉब लीचिंग रोकने के लिए संसद में कानून, मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे सांप्रदायिक जहर पर दोषियों पर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को 50 लाख की मदद, उपरोक्त जातियों के लोगों के फर्जी इनकाउंटर की उच्चस्तरीय जांच, यूपी सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन, आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के शस्त्र लाइसेंस के निरस्तीकरण आदि मांगें की गईं।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिट दायर की जाएगी। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष अरविंद सहित संतोष कुमार, चुनुबाद, कालीचरन, भगवानदीन, अधिवक्ता उमलेश भारतीय व रामकुमार आदि शामिल रहे।