बांदा। केन, यमुना, मंदाकिनी सहित सहयोगी नदियों की बाढ़ से तकरीबन 1.26 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल की खरीफ फसल बर्बाद हो गई। वहीं दो हजार से अधिक कच्चे घर धराशाई हो गए और करीब एक सैकड़ा पशुओं की मौत हो गई। हालांकि सरकारी आंकड़ों में कोई इंसानी मौत दर्ज नहीं है। फौरी रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल शासन ने प्रभावितों की मदद के लिए 3 करोड़ 80 लाख रुपये जारी किए हैं। उधर, बाढ़ से वास्तविक नुकसान का सर्वे भी राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया है।
कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में 3.61 लाख हेक्टेअर भूमि में खरीफ फसल की बुवाई हुई है। अगस्त माह में 380 मिलीमीटर (मिमी) बारिश होने से बड़ी-छोटी नदी व नाले उफना गए। केन, यमुना, मंदाकिनी सहित सहयोगी नदियों के खतरे का निशान पार करने से चित्रकूटधाम मंडल के सैकड़ों गांव और खेत जलमग्न हो गए।
राजस्व विभाग ने फौरी सर्वे में चारों जिलों में करीब 1.26 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल में खरीफ फसल बर्बाद होना बताया है, जबकि दो हजार से ज्यादा कच्चे मकान जमींदोज होना और एक सैकड़ा से अधिक मवेशियों की बाढ़ से मौत दर्शाई है। सर्वाधिक नुकसान हमीरपुर में बताया गया है।
हालांकि अभी राजस्व विभाग वास्तविक सर्वे कर रहा है। इसके बाद ही नुकसान की सही स्थिति सामने आएगी। उधर, प्रदेश सरकार ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए मंडल को 3.80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा हमीरपुर को 2.10 करोड़ रुपये दिए हैं। इसके अलावा बांदा को 1.10 करोड़ और चित्रकूट को 60 लाख रुपये जारी किए हैं।
दो दिन में मांगी नुकसान की रिपोर्ट
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (राहत एवं बचाव कार्य) मनोज कुमार ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में बाढ़ से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। कहा कि राजस्व विभाग से बाढ़ से होने वाले नुकसान का दो दिन में सर्वे कराकर रिर्पोट शासन को सौंपी जाए। इसके साथ ही अहेतुक सहायता के लिए बजट को मांग पत्र भी उपलब्ध कराया जाए। ताकि पीड़ितों की मदद के लिए जल्द धनराशि आवंटित की जा सके।
सर्पदंश से 18 दिन में 19 की मौत
बांदा। नदियों में बाढ़ आने व बिलों में पानी भर जाने से जहरीले कीड़ों से मौत की घटनाएं बढ़ गईं। मात्र बांदा जनपद में पहली अगस्त से अब तक 23 लोगों को सर्प ने डसा। इनमें पांच बच्चों सहित 19 की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने 16 मृतकों के आश्रितों को दैवी आपदा से 4-4 लाख रुपये यानी कुल 64 लाख रुपये की मदद दी गई है। तीन मामलों में प्रशासन को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
सर्वे में आड़े आ रहा है दलदल
बांदा। अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह ने बताया कि जनपद में बाढ़ से होने वाले नुकसान के सर्वे का काम शुरू हो गया है। लेखपालों को दो दिन में बाढ़ से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट देने को कहा गया है। हालांकि बाढ़ का पानी तो उतर गया है लेकिन दलदल सर्वे में आड़े आ रहा है। लेकिन प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द सर्वे पूरा कराकर रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।