बलरामपुर। लोकतंत्र के इस महापर्व में भीषण गर्मी के बावजूद श्रावस्ती संसदीय सीट पर मतदान के प्रति मतदाताओं ने सजगता दिखाई दी। मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए हर कोई उत्साहित दिखा। वृद्घ, युवा, महिलाएं, यहां तक की दिव्यांगजन भी मतदान करने के लिए जोश के साथ बूथों पर पहुंचे। युवा व महिलाओं ने कदम से कदम मिलाकर तो बुजुर्गों के जोश ने मतदान के महापर्व में चार चांद लगा दिए। दिव्यांगों के हौसलों को भी सभी ने जमकर सराहना की। हर काम छोड़कर सबसे पहले वोट देने का मंत्र चरितार्थ होता दिखाई दिया।
पहली बार मतदान करने का उत्साह
लोकतंत्र के इस महापर्व में पहली बार मतदान करने का उत्साह युवाओं के सिर चढ़कर बोला। मतदान करने के बाद उमा, अंकिता, मिथलेश व शिवानी आदि का कहना है कि देश के विकास के नाम पर पहली बार वोट देकर हम भी भागीदार बन गए हैं। वहीं, वीरेंद्र, हर्षित व प्रज्ज्वल जायसवाल का कहना है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान किया। पहली बार मतदान करने पर अपार खुशी हुई है।
बुजुर्गों के हौसलों ने सभी को किया प्रेरित
भीषण गर्मी में जल्द वोट डालने के लिए हर बूथ पर सुबह से ही मतदाता कतारों में लग गए थे। अधिकांश बूथों पर बुजुर्ग मतदाता सुबह की वोट डालने पहुंच गए। इनको कतार में लगा देख बाकी मतदाताओं ने वरियता देते हुए पहले इनको वोट डालने के लिए आगे बढ़ाया। बुजुर्गों के हौसलों की हर कोई सराहना कर रहा था, इनका जोश दूसरों को प्रेरित कर रहा था। वीरपुर पोलिंग बूथ पर 80 वर्षीय सुखना, गर्ल्स इंटर कॉलेज पोलिंग बूथ पर 95 वर्षीय प्रभावती, रमईडीह में 85 वर्षीय कलावती, महराजगंज तराई में 95 वर्षीय लगना व 90 वर्षीय अनुराधा ने विकास के लिए मतदान किया।
दिव्यांगजनों के जज्बे को सभी ने किया सलाम
मतदान के लिए दिव्यांगों का भी उत्साह भी से कमतर नहीं था। शहर व देहात क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इनके जज्बे को सभी ने सलाम किया। पोलिंग बूथ एमपीपी इंटर कॉलेज पर मो. जहिर दोनों पैर से दिव्यांग होने के बावजूद व्हीलचेयर पर मतदान करने पहुंचे। वहीं, धनुहिया में दृष्टिबाधित साधू धुनिया वोट डालने को लेकर उत्साह से लबरेज दिखे। सुबह ही पहले बूथ पर पहुंचकर पहले मतदान किया। इसी तरह राजू, इरफान व उर्मिला ने भी शारीरिक रूप से अक्षम होने के बावजूद मतदान केंद्र पर पहुंचकर मतदान किया।