भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी तथा राष्ट्रऋषि समाज सेवक भारतरत्न नानाजी देशमुख की कर्मभूमि बलरामपुर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिकित्सा की बड़ी सौगात दी है। बलरामपुर अब लखनऊ के किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय से सीधे जुड़ गया है। अब यहां के लोगों को गंभीर बीमारियों व इलाज के लिए बाहर नहीं जाना होगा। उन्हें यहीं पर केजीएमयू की चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर के रूप में बनने वाले अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की आधारशिला शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रखी। करीब 85 करोड़ की लागत से बनने वाला यह संस्थान वर्ष 2022 में काम शुरू शुरू कर देगा। इसका संचालन केजीएमयू करेगा। संस्थान में सभी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ एमबीबीएस की कक्षाएं भी चलेंगी।
अटल बिहारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय की आधारशिला रखने के पहले मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और नानाजी देशमुख जैसे भारतरत्न महापुरुषों की कर्मस्थली रहे बलरामपुर को उसके अतीत से जोड़ा गया है। मां पाटेश्वरी के आंचल में बसा यह जनपद विकास से कोसों दूर था। पिछले तीन सालों में जिले का पिछड़ापन दूर करने का हरसंभव प्रयास मेरी सरकार ने किया।
केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर के रूप में बनने वाला यह मेडिकल कॉलेज अपने आप में एक अभिनव प्रयोग है। कॉलेज में डॉक्टरों तथा सभी सुविधाओं की मॉनीटरिंग केजीएमयू लखनऊ करेगा। इस कॉलेज में चिकित्सकीय सुविधाओं की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। पहले चरण में 300 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। दूसरे चरण में कॉलेज के प्रशासनिक भवन आदि बनाए जाएंगे। किसी भी मेडिकल विश्वविद्यालय का यह पहला सेटेलाइट सेंटर है।
इस अवसर पर केजीएमयू लखनऊ के प्रति कुलपति डॉ. जीपी सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा रजनीश दूबे, कमिश्नर देवीपाटन मंडल गोंडा एसबी रंगाराव, डीआईजी डॉ. राकेश सिंह, डीएम कृष्णा करुणेश, एसपी देवरंजन वर्मा, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, पूर्व सांसद दद्दन मिश्र, समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।