बलरामपुर के जिला पंचायत सभागार में महिला ग्राम प्रधानों से वार्ता करतीं नोडल अफसर।
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बलरामपुर। देश के विकास में आधी आबादी की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। महिला ग्राम प्रधान अपने अधिकारों को समझे और घर के बाहर निकलकर गांवों के विकास के लिए स्वयं निर्णय लें। यह बातें जिले के तीन दिवसीय दौरे पर आई महिला नोडल अधिकारी सीडीओ सिद्धार्थनगर हर्षिता माथुर, पुलिस उपाधीक्षक अयोध्या शुभीकानन एवं पुलिस उपाधीक्षक लखनऊ बीनू सिंह ने रविवार को जिला पंचायत सभागार में महिला ग्राम प्रधानों की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।
नोडल अधिकारियों ने कहा कि महिला ग्राम प्रधान अपने प्रतिनिधि पर निर्भर न रहें। अपने गांवों में अच्छा कार्य कर यह मिशाल दें कि महिलाएं किसी से कम नहीं हैं। महिला साक्षरता दर कम होने पर चिंता जताते हुए कहा कि इसमें वृद्धि के लिए महिला ग्राम प्रधान बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करें। शिक्षा के माध्यम से ही महिलाएं अपने अधिकारों को जान पाएंगी और उसका प्रयोग करेंगी। महिला ग्राम प्रधान अक्सर अशिक्षा के चलते पति अथवा प्रतिनिधि पर आश्रित होती हैं जिसके चलते वह लोगों के साथ जुड़ नहीं पातीं।
नोडल अधिकारियों ने ग्राम प्रधानों से कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने की बात भी कही। महिला ग्राम प्रधानों से गांवों के विकास व महिलाओं से जुड़ी योजनाओं में गति लाने के लिए सुझाव भी मांगे गए। महिला ग्राम प्रधानों ने नोडल अधिकारियों को अनेक सुझाव भी दिए।
इस दौरान नोडल अधिकारियों ने घरेलू हिंसा व अन्य पीड़ित महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं। बैठक में पीडी अनिल कुमार, डीपीओ सतीश चंद्र, डीपीआरओ नरेश चंद्र, सीडीपीओ राकेश कुमार व महिला उप निरीक्षक निलोफर सहित तमाम महिला ग्राम प्रधान मौजूद रहीं।