बलरामपुर। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की 150 बेटियों के शादी कराने की तैयारियां की जा रही हैं। बेटियों के शादी पर 76.50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गरीब परिवार के लोग अपने बेटी का कन्यादान कर सकेंगे। शुभ मुहूर्त में शादियों के मंडप सजाए जाएंगे। जिले के चारों नगर निकायों व नौ ब्लॉकों में बेटियों की तलाश शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने के लिए बेटी की उम्र 18 साल या उससे अधिक और बेटों की उम्र 21 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। पंजीकरण कराने वाले जोड़ों को ही शामिल किया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शासन ने 76 लाख 50 हजार रुपये का बजट आवंटित कर दिया है। आर्थिक रुप से कमजोर, इच्छुक व पात्र लाभार्थी वाले माता-पिता जिनकी पुत्री की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक और पुत्र की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक हो उन्हें सामूहिक विवाह वाले मंडप में शामिल होने के लिए उनका पंजीकरण कराना अनिवार्य है। जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम कार्यालय, ग्रामीण क्षेत्र वालों को जिले के सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ कार्यालय और चारों नगर निकायों के ईओ कार्यालय में यह सुविधा दी गई है। विद्यालय के शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र व मनरेगा जॉबकार्ड जोड़ों के आयु के निर्धारण में मान्य होंगे। योजना में गरीब परिवार की बेटी, विधवा, परित्यक्ता व कानूनी रुप से तलाकशुदा को पुनर्विवाह के रुप में शामिल होने का मौका मिलेगा।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़े वर्ग को तहसील स्तर से जारी जाति प्रमाण पत्र देना होगा। वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक न हो। जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में शामिल होने वाली प्रत्येक बेटी की शादी पर 51-51 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। कन्या के दांपत्य जीवन में खुशहाली लाने व गृहस्थी बसाने के लिए 35-35 हजार रुपये बेटी के बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेजे जाएंगे। विवाह संस्कार में प्रयोग होने वाली आवश्यक सामग्री जैसे एक-एक जोड़ी चांदी के पायल, बिछिया, कपड़े, 51 प्रकार के बर्तनों व कीपैड मोबाइल आदि पर 10-10 हजार रुपये और टेंट, भोजन व नाश्ता आदि पर छह-छह हजार रुपये खर्च होंगे।
पंजीकरण कराने का दिया गया निर्देश
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटे-बेटियों का पंजीकरण कराने की जिम्मेदारी संबंधित अफसरों को सौंप दी गई है। जिले के तीनों तहसीलों के एसडीएम, सभी नौ ब्लॉकों के बीडीओ व ग्राम पंचायत सचिवों और चारों नगरों के ईओ को व्यापक प्रचार-प्रसार कराकर सामूहिक विवाह में गरीब व पात्र जोड़ों का पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है। सीडीओ रिया केजरीवाल को सामूहिक विवाह योजना के पंजीकृत जोड़ों की नियमित समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। श्रुति, डीएम