फोटो-8-बलरामपुर के जमधरा गांव में खराब पड़ा हैंडपंप।-संवाद
गैसड़ी। क्षेत्र में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। विकासखंड क्षेत्र में कुल 2200 हैंडपंप लगे हैं, जिनमें से करीब 250 खराब हैं और 50 रिबोर के योग्य हैं। क्षेत्र हार्ड एरिया में आने के कारण गर्मी के मौसम में जलस्तर तेजी से नीचे चला जाता है, जिससे हर साल हालात और खराब हो जाते हैं। पानी की टंकियां बंद पड़ी हैं, सरकारी नल जवाब दे चुके हैं और निजी स्रोत भी सूखने लगे हैं, जिससे लोगों के सामने पेयजल का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
गर्मी शुरू होते ही पूरे ब्लॉक क्षेत्र में हालात खराब हैं और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है। ठकुरापुर, थरौली, बिशनपुर, खखरा भोजपुर थारू समेत दर्जनों गांवों में पानी की किल्लत हो गई है। जल निगम की पानी टंकियां बंद पड़ी हैं और अधिकांश सरकारी हैंडपंप खराब हैं, जिससे समस्या और गहरा गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र हार्ड एरिया में आता है, जहां गर्मी बढ़ते ही जलस्तर तेजी से नीचे चला जाता है। ग्रामीण वकील ने बताया कि कई गांवों में पानी टंकियों का निर्माण हुआ, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण जलापूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। मोहम्मद ने कहा कि सरकारी नल खराब पड़े हैं और निजी नलों से भी काफी देर तक मोटर चलाने के बाद पानी निकलता है। संदीप कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में हालात और बिगड़ जाते हैं। जलस्तर गिरने से पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। रामजस ने कहा कि क्षेत्र के कई गांवों में लगे हैंडपंप खराब हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।