उतरौला (बलरामपुर)। उतरौला ब्लॉक के भरवलिया गांव में सरकार चुनने के लिए नाव के सहारे नदी पार कर वोटरों ने मतदान किया। लोकतंत्र को मजबूत बनाने वाले वोटरों के मजबूत इरादों को राप्ती की बाधा भी नहीं डिगा सकी।
25 साल से नाव के सहारे मतदान के लिए बूथों तक आने वाले लोगों को गांव की बनने वाली नई सरकार से नदी पर पुल निर्माण कराने की आस है। भरवलिया गांव के मतदान केंद्र पर नाव के सहारे नदी पार करके रात 10 बजे उतरौला से पोलिंग पार्टियां पहुंच सकी हैं।
भरवलिया निवासी सफी अहमद, वीरे, मुकीम, नुरू, गुठ्ठू च समीउल्लाह आदि ने बताया कि राप्ती पर 25 साल से पीपे के पुल का निर्माण कराने की मांग की जा रही है। नदी के उस पार पोलिंग बूथ होने के चलते गांव के लोगों को हमेशा नाव के सहारे ही नदी पार कर मतदान करने जाना पड़ता है।
उतरौला से आई पोलिंग पार्टियां भी नाव से नदी पार कर रात्रि 10 बजे पहुंच सकी हैं। प्रशासन व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी, जाड़ा व बरसात जैसे सभी मौसम में गांव के लोगों को तहसील मुख्यालय उतरौला पहुंचने के लिए नाव से ही राप्ती नदी पार करनी पड़ती है। इस बार हम लोग उसी को अपना जनप्रतिनिधि चुनेंगे जो पीपे के पुल का निर्माण कराएगा।