बलरामपुर में स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय।
बलरामपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम की शुरुआत पहले ही दिन सुस्त पड़ गई। जिम्मेदारी निभाने की जगह बड़ी संख्या में बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) स्टेशनरी लेने के बजाय एसडीएम कार्यालय का चक्कर लगाते नजर आए। कई बीएलओ ड्यूटी कटवाने के लिए अर्जी लेकर पहुंचे, जबकि उन्हें 19 अगस्त से घर-घर जाकर निर्वाचक नामावली का सत्यापन कार्य शुरू करना था।
जिले की तीनों तहसीलों में कुल 986 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं। इसमें सदर तहसील में 292, तुलसीपुर तहसील में 311 और उतरौला तहसील में 383 बीएलओ शामिल हैं। उतरौला तहसील क्षेत्र में अभियान की शुरुआत से ही लगभग 100 बीएलओ ने अब तक न तो अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और न ही स्टेशनरी व बस्ता लिया है। इससे पुनरीक्षण कार्य की गति पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
मतदाता पुनरीक्षण के तहत बीएलओ को घर-घर जाकर छूटे हुए नाम जोड़ने, मृतकों के नाम विलोपित करने और त्रुटिपूर्ण नाम-पते में सुधार करने का दायित्व सौंपा गया है। यह सत्यापन अभियान 29 सितंबर तक चलेगा। सहायक निर्वाचन अधिकारी सदर हेमंत कुमार गुप्ता, उतरौला अभय सिंह व तुलसीपुर राकेश कुमार जयंत ने कहा कि बीएलओ की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्टेशनरी न लेने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी।
वहीं, डीएम पवन अग्रवाल ने मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ को पूरा सहयोग दें और अपने परिवार के सभी सदस्यों के नाम निर्वाचक नामावली में दर्ज कराना सुनिश्चित करें। विदित हो कि जिले की 793 ग्राम पंचायतों में ग्राम प्रधान, 9945 ग्राम पंचायत सदस्य, 980 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 39 जिला पंचायत सदस्य पदों के चुनाव इसी निर्वाचक नामावली के आधार पर होंगे।