बलरामपुर। मारपीट के एक मामले में बीते 35 साल से कोर्ट में लंबित वाद का फैसला बृहस्पतिवार को आया। न्यायिक अधिकारी योगेश चौधरी की कोर्ट ने इस मामले में चार आरोपियों को दोषी करार मानते हुए जेल में बिताई गई अवधि व 2900-2900 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को 15-15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतान होगा।
सरकारी अधिवक्ता अनूप सिंह ने बताया कि उर्मिला त्रिपाठी ने दो जनवरी 1989 को मारपीट के मामले में मोहम्मद इकबाल, मोबीन अहमद, मुस्तफा व एहसान अहमद के खिलाफ महराजगंज तराई थाने में मुकदमा लिखाया था। पुलिस ने जांच के लिए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। परीक्षण के दौरान साक्ष्य व गवाही के आधार पर जेएम प्रथम ने चारों आरोपियों को मारपीट का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। संवाद