बलरामपुर। रूस और यूूूक्रेन के बीच चल रहे भीषण जंग में जिले के चार छात्र फंसे हुए हैं। बलरामपुर नगर के दो छात्र और ललिया थाना क्षेत्र के ग्राम रमनगरा व सादुल्लाहनगर के ग्राम जखौली के एक-एक छात्र यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए भारत सरकार से गुहार लगाई है। बलरामपुर नगर के मोहल्ला पहलवारा निवासी अखिलेश सिंह का छोटा बेटा अनमोल सिंह तीन माह पहले एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गया था। वह अब रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध में फंस गया है। पिता अखिलेश सिंह ने बताया कि बेटे की घर वापसी के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से जारी हेल्पलाइन नंबर पर नाम रजिस्टर्ड कराया है। भाई अभिषेेक सिंह ने बताया कि अनमोल रोमानिया के बुकारेस्ट होटल में रुका है। वह काफी संख्या में छात्र फंसे हैं जिन्हें प्रशासन द्वारा धीरे-धीरे निकाला जा रहा है। मंगलवार को जिला प्रशासन की ओर से नायब तहसीलदार स्वाति सिंह, कानूनगो वंश गोपाल सिंह व लेखपाल देवेंद्र मिश्र ने अनमोल के घर पहुंचकर परिजनों को आश्वासन दिया कि भारत सरकार यूक्रेन में फंसे सभी छात्रों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास कर रही है। जल्द ही उनके बेटे को घर पहुंचाया जाएगा। इसी तरह नगर के तुलसीपार्क निवासी दवा कारोबारी सुनील श्रीवास्तव का बेटा विवेक श्रीवास्तव भी वर्ष 2016 से यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
युद्ध शुरू होने से विवेक भी फंसा हुआ है। विवेक को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए पिता सुनील श्रीवास्तव भारत सरकार के साथ अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं। दोनों छात्रों ने अपने परिजनों को मोबाइल पर बातचीत करते हुए सुरक्षित होने की बात कही है। इसी तरह यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए ललिया थाना क्षेत्र के ग्राम रमनगरा निवासी सुरेश वर्मा तथा सादुल्लाहनगर थाना क्षेत्र के ग्राम जखौली निवासी नवनीत त्रिपाठी भी युद्ध के कारण फंसे हुए हैं।
पूर्व सांसद ने विदेश मंत्री को लिखा पत्र
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में फंसे बलरामपुर व श्रावस्ती के छात्रों को सुरक्षित घर वापसी के लिए पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने विदेश मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखा है। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को सौंपे पत्र में कहा है कि बलरामपुर व श्रावस्ती जनपद के दस छात्र यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे हैं। कुछ अपरिहार्य कारणों से उनकी घर वापसी में विलंब हो रहा है। युवकों के परिजनों की पीड़ा का ध्यान में रखते हुए सभी लोगों की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जाए।