-बलरामपुर में स्थित फुलवरिया बाईपास चौराहा ।-संवाद
बलरामपुर। हादसे में भले ही ट्रक चालक को जिम्मेदार ठहराया जा चुका है, लेकिन फुलवरिया चौराहे की स्थिति भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है। चौराहे से शहर के साथ ही गोंडा, बहराइच और उतरौला को जाने वाली सड़कें जुड़ी हैं। चौराहे के दाे तरफ तो किनारे पर ट्रांसफार्मर रखे हैं, सड़क किनारे अतिक्रमण भी है। इससे शहर की ओर से आने वाले वाहन चालकों को उतरौला और बहराइच रोड दिखती ही नहीं हैं।
इसी तरह बहराइच की ओर से ओवरब्रिज से उतरने वाले वाहन चालक भी शहर की ओर से आने वाले वाहनों को नहीं देख पाते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। वर्ष 2023 में एक बूथ बना था, लेकिन चौराहा सिमटा होने की वजह से वह एक ट्रक की टक्कर से टूट गया। हादसे के बाद चौराहे को विकसित करने पर मंथन शुरू हुआ। इसके लिए पावर कारपोरेशन, परिवहन विभाग, पुलिस और लोक निर्माण विभाग ने जांच की, जिसमें तय हुआ है कि अभी पहले दोनो ट्रांसफार्मरों को सड़क किनारे से दूर किया जाए।
पावर कारपोरेशन के उपखंड अधिकारी तृतीय गौरव शर्मा ने बताया कि ट्रांसफार्मरों को सड़क से काफी दूर किया जाएगा और तार भी केबल के होंगे। इसके साथ ही बिजली के खंभों में सुधार के कार्य होंगे। इसके अलावा एनएचएई के अधिशासी अभियंता एसके मिश्र ने बताया कि चौराहे को चौड़ा करने के साथ ही अतिक्रमण हटाने का कार्य होगा। यातायात पुलिस का भी मानना है कि बिना अतिक्रमण हटाए, चौराहे काे सुरक्षित नहीं किया जा सकता है। चौराहे पर एक-दो दिन में अतिक्रमण की पहचान करने की कार्रवाई पूरी की जाएगी। जिससे चारों तरफ से आने वाले वाहन चालकों को हर रूट के बारे में सही जानकारी हो सके। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने कहा कि सुरक्षित यातायात के जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी विभागाें से रिपोर्ट लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
चौराहे के विकास का होगा प्रयास
फुलविरया चौराहे को सुरक्षा की दृष्टि से विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए शासन के अधिकारियों से भी वार्ता की जाएगी। हादसों को रोकने के लिए जरूरी कार्य कराए जाएंगे। -पल्टूराम, सदर विधायक