बलरामपुर। मातृ-मृत्यु दर की समीक्षा के लिए सीएमओ कार्यालय सभागार में बीते दिन एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को तमाम टिप्स दिए गए। स्वास्थ्य कर्मियों को कम्यूनिटी डेथ आडिट का तरीका भी सिखाया गया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसीएमओ डॉ. बीपी सिंह ने कहा कि हर माह मातृ-मृत्यु समीक्षा बैठक होती है। बैठक में सभी नर्स मेेंटर को प्रसव कक्षों की स्थिति पर नजर रखते हुए वहां की समस्याओं सेे अवगत कराने का निर्देश दिया जाता है लेकिन इस पर ध्यान नही दिया जा रहा है।
सरकार मातृ-मृत्यु दर घटाने के लिए मौत के कारणों की समीक्षा करना चाह रही है। समीक्षा करने का फायदा यह होगा कि प्रसव के दौरान हुई गलतियों को सुधार कर इलाज व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का यह कदम तभी सफल होगा जब डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मी दोनों मिलकर अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करेंगे। जिला परामर्शदाता मातृ स्वास्थ्य विनोद त्रिपाठी ने बताया कि मौजूदा सत्र में अनुमानित मातृ-मृत्यु 128 के सापेक्ष सितंबर माह तक 32 मातृ-मृत्यु हुई है।
इनमे से 22 मामलों का कम्यूनिटी डेथ आडिट कर लिया गया है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अरविंद मिश्रा ने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि मातृ-मृृत्यु की सूचना 24 घंटे के अंदर हर हाल में उपलब्ध करा दी जाए। इसके लिए सरकार की तरफ से पुरस्कार की व्यवस्था भी की गई है।
निर्धारित समय में सूचना देकर पुरस्कार का लाभ हासिल करें। बैठक में एसीएमओ डा. एके शुक्ला, डॉ. अनिल चौधरी, मातृ वंधना कार्यक्रम के सहायक पुनीत मणि त्रिपाठी, शालिनी श्रीवास्तव, पूनम तिवारी, नीलम, अनीता, मोनी त्रिपाठी एवं प्रेरणा डेविड सहित तमाम नर्स मेंटर मौजूद रही।