बलरामपुर। 13 वर्षीय किशोरी के साथ हुए यौन शोषण तथा गर्भवती होने पर उसे गर्भपात की दवा खिलाए जाने के मामले में लापरवाही बरतते हुए देर से कार्रवाई करने के आरोप में एसपी ने थाना गौरा चौराहा के प्रभारी निरीक्षक तथा दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। मामले में विभागीय जांच के निर्देश दिए गए है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 13 वर्षीय किशोरी के साथ हुए दुष्कर्म की शिकायत किशोरी के पिता ने गत 14 जून को थाने में दी थी। किशोरी के पिता का आरोप था कि उसकी बेटी के साथ पड़ोसी रामचंद्र बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करता रहा।
किशोरी के गर्भवती होने पर परिजनों को मामले की जानकारी हुई। पिता का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए उसे ही मारापीटा और किशोरी को गर्भपात की दवा खिलवा दी। पिता को 151 में चालान भी भेज दिया।
पिता ने न्यायालय में गुहार लगाई तथा मामले की शिकायत एसपी से की। एसपी हेमंत कुटियाल ने बताया कि किशोरी के पिता से प्राप्त तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश कराई जा रही है। मामले में लापरवाही बरतने वाले प्रभारी निरीक्षक चंद्रेश कुमार तथा आरक्षी आशुतोष व रणधीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इन लोगों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए है।