बलरामपुर। परिषदीय स्कूलों में विद्युतीकरण न होने से मतदान के दिन दिक्कत हो सकती है। प्रशासन ने बिजली विभाग को विद्युतीकरण का कार्य मतदान के पहले पूरे करने का निर्देश दिए हैं। विभाग के द्वारा 121 स्कूलों को रोशन करने की जिम्मेदारी फरवरी के अंतिम माह में दी गई थी। जिसके लिए एक करोड़ 63 लाख का बजट भी जारी किया गया था। इसके बाद भी अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका। वहीं 38 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें मतदान के लिए बूथ भी बने हैं। एक सप्ताह में विद्युतीकरण कराना विभाग के लिए चुनौती बनी है।
जिले के 1685 विद्यालयों में विद्युतीकरण ही हो चुका है। बाकी बचे 129 विद्यालयों में कार्य कराया जाना बाकी है। विद्युतीकरण में देरी की वजह वन विभाग की एनओसी न मिलना बताया जा रहा। अधिकतर स्कूल सोहेलवा वन्य क्षेत्र के हैं। ब्लॉक सदर में छह स्कूलों को नौ लाख 51 हजार 507 रुपये, पचपेड़वा में 22 स्कूलों को 45 लाख 17 हजार 925 रुपये, तुलसीपुर में 24 स्कूलों को दो करोड़ 33 लाख चार हजार 44 रुपये, गैड़ास बुजुर्ग में तीन स्कूलों को 39 लाख सात हजार 414 रुपये, शिवपुरा में 13 स्कूलों को एक करोड़ 25 लाख छह हजार 524 रुपये, रेहरा बाजार में सात स्कूलों को आठ लाख चार हजार 320 रुपये, श्रीदत्तगंज में 13 स्कूलों को एक करोड़ 49 लाख चार हजार 585 रुपये और उतरौला में पांच स्कूलों को छह लाख 87 हजार 41 रुपये से विद्युतीकरण कराने के लिए बजट बिजली विभाग को दिए गए हैं। 25 मई को मतदान होने के कारण 24 को ही पोलिंग पार्टियां बूथों पर पहुंच जाएंगी, ऐसे में 23 तक ही विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जाना है।
प्रभारी अधीक्षण अभियंता बाल कृष्ण का कहना है कि सभी स्कूलों में तेजी से विद्युतीकरण कराया जा रहा है। चुनाव से पहले सभी स्कूलों में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं बीएसए डॉ. कल्पना देवी का कहना है कि बूथ वाले 38 स्कूलों में लोकसभा चुनाव के लिए बूथ बने हैं, ऐसे में प्राथमिकता पर पहले इन स्कूलों का विद्युतीकरण पूरा कराए जाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।