बलरामपुर के विशुनपुर टनटनवा में बदहाल तालाब में भरा पानी।-संवाद
बलरामपुर। पचपेड़वा ब्लॉक के विशुनपुर तालाब के जीर्णोद्धार में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। गांव के तालाब का मनरेगा से जीर्णोद्धार उस समय कराया गया, जब तालाब पानी से लबालब भरा था। हर दिन 100 श्रमिकों को काम करते दिखा कर करीब 58 लाख रुपये का खर्च मनरेगा से कराया गया। जांच में यह बात सामने आई कि मनरेगा के बजट में बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया।
सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने शिकायत पर मामले की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में घपले की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने पूरे मामले जिम्मेदारों को चिह्नित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है। इसमें ब्लॉक के कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा/खंड विकास अधिकारी धनंजय सिंह समेत अन्य जिम्मेदारों से दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली कराने का भी निर्देश दिया है। सीडीओ हिमांशु गुप्ता ने बताया कि मामले में दोषियों की चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा के बजट में दुरुपयोग की गई धनराशि का आकलन कर जिम्मेदारों से तय मानक के तहत वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। जिलाधिकारी के आदेश पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
और गड़बड़ियों की भी है शिकायत
विशुनपुर टनटनवा गांव में मनरेगा से तालाब के जीर्णोद्धार में घपले की पुष्टि तो हुई है, लेकिन विकास कार्य में घपले के कई आरोप लगे हैं। गांव के अब्दुल्लाह शाह समेत कई ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत कर कार्रवाई की मांग भी की है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ करोड़ के बजट में घपला हुआ है। ऑॅनलाइन रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 58 लाख के बजट से 68 कार्य कराए गए हैं। इसी तरह 2024-25 वित्तीय वर्ष में 75.68 लाख के बजट से 50 कार्य, 2023-24 में 42.53 लाख से 42 कार्य हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन सभी कार्य में गड़बड़ी की गई है। एक मामले का खुलासा होने के बाद जांच का दायरा बढ़ना तय है।