अमर उजाला के माई सिटी में प्रकाशित खबर।-संवाद
तुलसीपुर। नगर में सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आए लगभग एक सदी पुराने संस्कृत विद्यालय की चिंता के बीच राहत भरी खबर सामने आई है। बृहस्पतिवार के अंक में माई सिटी के पेज एक पर 100 साल पुराना संस्कृत विद्यालय भी फोरलेन की जद में शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। इसके बाद जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी। शाम को उन्होंने पुराने तहसील भवन में विद्यालय संचालित कराने की व्यवस्था की है। साथ ही स्थायी व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रशासन का स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया जाएगा। छात्रों की पढ़ाई किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन की ओर से पुरानी तहसील परिसर में कक्षाओं के सुचारु संचालन के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि छात्रों की निरंतर पढ़ाई के लिए विशेष प्रयास है, ताकि किसी भी छात्र का शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो। इसके साथ ही विद्यालय के लिए स्थायी भवन की व्यवस्था को लेकर भी पहल शुरू की गई है। संबंधित विभागों के माध्यम से उपयुक्त भूमि और संसाधनों के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।