सीमावर्ती शहर पर्यटकों की दृष्टि से काफी अहमियत रखता है। इसी के बहाने बड़े पैमाने पर शहर में होटल, लॉज और मैरिज लॉन भी संचालित हो रहे हैं। सीमित क्षेत्र होने के बाद भी 12 से अधिक छोटे-बड़े होटल चल रहे हैं। यह अलग बात है कि जिस हिसाब से होटल खुले हैं, उस अनुसार लोग नहीं आ रहे हैं। इसी को देखते हुए कुछ होटल और लॉज संचालकों ने देह व्यापार को कमाई का जरिया बना लिया। इसमें कुछ ने खादी और खाकी को साधा और धंधा चलने लगा।
एसपी विकास कुमार ने पड़ताल कराई तो कई फोन भी घनघनाए, जिससे ऐसे लोगों के नाम एसपी की डायरी में नोट हो गए। इसमें राजनीति से ताल्लुक रखने वालों के साथ ही कुछ और भी हैं। एसपी ने शुक्रवार को खुलासे के समय ऐसे लोगों को चुनौती भी दी। उन्होंने कहा कि देह व्यापार से जुड़े लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा। जांच हो रही है। सबूत मजबूत करके कार्रवाई की जाएगी। इसमें पुलिस विभाग के कुछ कर्मी भी जांच के दायरे में हैं। फिलहाल एसपी ने किसी नाम का खुलासा नहीं किया है, इतना जरूर कहा कि जल्द ही बड़ा खुलासा होगा।
साइबर फ्रॉड की जांच के तर्ज पर होगी पड़ताल
जिले में साइबर फ्रॉड केस की जिस तरह जांच हुई, वह कोई भूल नहीं सकता। 10 हजार के खेल से शुरू हुई जांच 300 करोड़ के साइबर फ्रॉड के गिरोह तक पहुंची। अब देह व्यापार के रैकेट की पड़ताल भी उसी तर्ज पर शुरू हुई है। इस पूरे व्यापार में सिर्फ जिले के लोग ही शामिल नहीं है, कई अन्य जिलों का भी यहां से जुड़ाव है।
मामले की जांच क्षेत्राधिकारी ललिया डॉ. जितेंद्र कुमार को सौंपी गई है, लेकिन मैं भी व्यक्तिगत इसकी निगरानी कर रहा हूं। जल्द ही बड़ा खुलासा होगा। बलरामपुर में यह सब चलने नहीं दिया जाएगा।
विकास कुमार, एसपी बलरामपुर