कोषागार पहुंची उतरौला के पीर गयास की रहने वाली पार्वती देवी ने कहा कि उनके पति छोटेलाल लोक निर्माण विभाग में मेट थे। 31 दिसंबर 2018 को वह सेवानिवृत्त हो गए मगर पेंशन नहीं मिली। बीमारी के कारण दो फरवरी 2020 को उनकी मौत हो गई। इसके बाद भी अभी तक पेंशन नहीं मिल सकी। इससे बड़ी परेशानी हो रही है।
तुलसीपुर से 31 जनवरी 2022 को संग्रह अमीन पद से रिटायर हुए ओमप्रकाश शर्मा को अभी तक जीपीएफ नहीं मिल सका है। एलआईसी सहित अन्य देयकों का भुगतान भी लंबित है। यही नहीं, पेंशन भी कम बनाई गई है। ओमप्रकाश के मुताबिक उनसे जूनियर रहे सेवानिवृत्त कर्मचारी को उनसे अधिक पेंशन मिल रही है।
कौव्वापुर के प्राथमिक विद्यायल से 30 जून 2006 को रिटायर हुए मोहम्मद इलियास ने कहा था कि दौड़ते-दौड़ते थक गया। अभी तक न तो पूरी पेंशन मिली और न ही बढ़ोत्तरी व अन्य देयक। इससे समस्या आ रही है। जमधरा की सुन्नती ने भी पेंशन को लेकर समस्या बताई।
पेंशनर्स की परेशानी बयां करने के लिए यह चंद मामले काफी हैं। शनिवार को पेंशनर्स डे पर कोषागार परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पेंशनर्स ने एडीएम न्यायिक ज्योति गौतम व कोषाधिकारी विनोद कुमार के समक्ष अपना दर्द बयां किया। इस पर त्वरित कार्रवाई की बात कही गई।
एडीएम ने कहा कि पेंशनर्स की समस्या का समाधान कराया जाएगा। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। कोषाधिकारी ने बताया कि जिले में साढ़े पांच हजार के करीब पेंशन धारक हैं।
पेंशनर्स की जो भी समस्याएं हैं, उनका निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर काम कराया जा रहा है। कार्यक्रम में पेंशनर्स को सम्मानित किया गया। लेखाधिकारी एसके सिंह, फूलचंद्र पांडेय, नागमणि मिश्र आदि मौजूद रहे।
पेंशनर्स डे पर संपूर्ण समाधान दिवस का असर दिखा। महज कुछ विभागों के ही अधिकारी कार्यक्रम में पहुंचे। हालांकि कार्यक्रम में कुल नौ शिकायतें ही आईं। इनके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।