फोटो-10-बलरामपुर के जामिया अरबिया अनवारुल कुरान में दुआ मांगते उलेमा।-संवाद
बलरामपुर। नगर स्थित मदरसा जामिया अरबिया अनवारुल कुरान अरबी कॉलेज में सोमवार को नए तालीमी सत्र की शुरुआत कुरआन पाक की तिलावत से हुई। इसके बाद कारी इकरार अहमद बरकाती और मौलाना नूर अहमद कादरी ने बुखारी शरीफ की पहली हदीस पढ़कर दीनी शिक्षा की शुरुआत कराई।
मदरसे के उलमा ने छात्रों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया और मेहनत से पढ़ाई करने का संदेश दिया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य मुफ्ती मुजम्मिल अख्तर मिसबाही ने कहा कि तालीम इंसान को आत्मनिर्भर, जागरूक और खुद्दार बनाती है। शिक्षित व्यक्ति न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की तरक्की में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि लगन और मेहनत से पढ़ाई कर अपने माता-पिता के सपनों को साकार करें। कारी फरियाद हुसैन ने कहा कि मदरसों को लेकर समाज में पुरानी धारणाएं अब तेजी से बदल रही हैं। यहां दीनी तालीम के साथ आधुनिक शिक्षा, कंप्यूटर और समय की जरूरत के मुताबिक अन्य विषयों की भी पढ़ाई कराई जा रही है। इससे छात्र हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे।
कार्यक्रम के अंत में देश में अमन-चैन, भाईचारे और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष दुआ कराई गई। कार्यक्रम में मौलाना नूर अहमद कादरी, कारी इकरार अहमद बरकाती, हाजी अब्दुल हादी, मौलाना अमान हसन, मौलाना शब्बीर अहमद, कारी नवाजिश अली और हाजी शाहिद महमूद सहित कई लोग मौजूद रहे।