बलरामपुर। सूर्य देवता के कहर से लोगों की मुसीबत बढ़ने लगी है। तेज धूप व धूल भरी हवा चलने के कारण लोगों को अब दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगले एक सप्ताह में 47 डिग्री सेल्सियस तक पारा चढ़ने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव आएगा। भीषण गर्मी व लू से बचने के लिए लोगों को उपाय करना ही बेहतर होगा। मौसम के असर से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। भीषण गर्मी व लू से बचने के लिए लोग अब घरों में दुबक रहे हैं।
रविवार को सुबह से ही धूप का असर तेज रहा, जिसके चलते अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। दोपहर में गर्मी का सितम काफी बढ़ गया। छुट्टी का दिन होने के कारण सड़कों पर अन्य दिनों की अपेक्षा चहल-पहल काफी कम दिखी। लोग धूप से बेहाल नजर आए। सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने से भीषण गर्मी में मुसाफिरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सियाराम कनौजिया ने बताया कि अगले कई दिनों तक भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। पछुआ हवा चलने के कारण मौसम में बदलाव के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। जब पुरवा हवा चलेगी तभी मौसम में बदलाव की उम्मीद है। फिलहाल, बारिश की अभी कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।
अपर सीएमओ डॉ. एके सिंहल ने लोगों को सुझाव दिया है कि गर्म हवा से बचने के लिए दरवाजे व खिड़कियों को बंद रखें। खिड़कियों पर काले परदे लगाएं। मौसम के पूर्वानुमान की जानकारी करते रहें। आगामी तापमान में होने वाले परिवर्तन के प्रति सजग रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। जहां तक संभव हो घर में ही रहें।
घर से बाहर निकलने से पहले शरीर को कपड़ों से ढकें। बच्चों व पालतू पशुओं को कभी भी बंद वाहन में अकेला न छोड़ें। उच्च प्रोटीनयुक्त, संतुलित, हल्का व नियमित भोजन करें। मादक पेय पदार्थों का सेवन न करें। भोजन बनाते समय घर के खिड़की व दरवाजे खुले रखें। दोपहर के समय जरूरी होने पर ही सावधानी के साथ घर से बाहर निकलें। छांछ, मट्ठा, बेल का शर्बत, नमक चीनी की घोल, नींबू पानी व आम का पना प्रयोग करें।