बलरामपुर। स्वास्थ्य विभाग में सामानों की खरीद में खूब खेल किया जा रहा है। मार्केट रेट से तीन गुना दाम पर प्लास्टिक की कुर्सी खरीदी गई है। बाजार में जो कुर्सी 275 से 300 रुपये में फुटकर उपलब्ध है वहीं कुर्सी विभाग ने 798 रुपये में खरीदी है। सरकारी पैसे की बंदरबांट बड़े ही शातिर तरीके से की जा रही है। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच व फर्म का भुगतान रोकने की बात कही है।
बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में जिले की सीएचसी व पीएचसी के लिए 605 प्लास्टिक की कुर्सी पहुंची है। कुर्सी को उतरवाकर गोदाम में रखवाया गया है। कुर्सी की क्वालिटी व कीमत को लेकर खूब चर्चा हो रही है। सीएमओ कार्यालय परिसर में उतारी गई कुर्सी महाराजा सनराइज ब्रांड की है।
स्थानीय प्लास्टिक कुर्सी विक्रेता इस कुर्सी का फुटकर बिक्री मूल्य 275 रुपये से 300 रुपये बता रहे हैं। विक्रेताओं का यह भी कहना है कि बाजार में प्लास्टिक कुर्सी के सबसे अच्छे ब्रांड नीलकमल का फुटकर दाम भी 600 रुपये के आस-पास है।
ऐसे में विभाग ने महराजा सनराइज ब्रांड की कुर्सी 798 रुपये में क्यों खरीदी। इसके पीछे कमीशन का खेल बताया जा रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि विभाग में अन्य संसाधनों की खरीद में भी खूब खेल किया जा रहा है। बड़े ही शातिर तरीके से सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही है।
लोगों ने विभाग में हो रहे सरकारी धन के बंदरबांट की जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में सीएमओ डा. सुशील कुमार ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आया है। मामला काफी गंभीर है। मामले की जांच कराई जाएगी। यदि अनियमितता मिली तो संबंधित फर्म का भुगतान रोक दिया जाएगा।